...तो भूमाफिया ने बेच डाली माइनर की पटरी
विकास भवन के सामने एनएच से गुजरे जगदीशपुर माइनर का हाल
18 मीटर चौड़ी माइनर हो चुकी थी लुप्त, कब्जा मुक्त करा रहा विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विकास भवन के सामने से निकली 18 मीटर चौड़ी जगदीशपुर माइनर 600 मीटर की दूरी तक विलुप्त हो चुकी थी। भूमि खरीदकर यहां बसे लोगों ने ऐसा अतिक्रमण किया कि माइनर की दक्षिणी पटरी को तो अपने भवन का हिस्सा बनाया ही माइनर को पाटकर उत्तरी पटरी पर बनी सड़क तक पहुंच गए। लोगों का आरोप है कि भू-माफियाओं ने माइनर की पटरी तक बेच डाली थी, यही कारण है कि खरीदारों ने माइनर की जमीन पर कब्जा कर डाला था।
शहर का वीआईपी क्षेत्र और राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित होने के कारण जगदीशपुर माइनर के दोनों तरफ की भूमि बेशकीमती है। माइनर की दक्षिणी पटरी से सटी भूमि को खरीदकर 600 मीटर तक कई लोगों ने मकान बना रखा है। नहर पर सर्वाधिक अतिक्रमण दक्षिणी पटरी की तरफ बसे लोगों ने ही किया है। लोगों ने मकान बनाने के बाद पटरी को ही सहन बना लिया। कब्जे की हालत ऐसी कि नहर का गहराई वाला कुछ हिस्सा लोगों ने सिर्फ घर की जलनिकासी के लिए छोड़ा था और उत्तरी पटरी पर स्थित सड़क तक सहन बना लिया था। हालत यह थी कि 18 मीटर चौड़ी माइनर में सड़क समेत कहीं पर पांच से छह मीटर तो कहीं तीन से चार मीटर ही हिस्सा शेष बचा था।
बेशकीमत है माइनर की भूमि
विकास भवन के सामने स्थित भूमि की वर्तमान कीमत आसमान छू रही है। यहां दूर तक की भूमि भी पांच से 10 लाख रुपये तक प्रति मंडी की दर से बिक्री की जा रही है। पूर्व में इसकी कीमत लाखों में थी। ऐसे में नहर की भूमि भी करोड़ों की संपत्ति थी। शहर निवासी राकेश यादव कहते है कि भू-माफिया ने नहर किनारे भूमि के साथ ही पटरी की भूमि का भी सौदा कर दिया।
दूसरे दिन भी चला कब्जा मुक्त अभियान
सिंचाई विभाग ने नौगढ़ और जगदीशपुर माइनर की भूमि कब्जा मुक्त कराने का अभियान बुधवार को भी चलाया। जेई एसके सिंह ने बताया कि कब्जा मुक्त अभियान के दौरान ही लोगों को दोबारा अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी दी जा रही है। दोबारा अतिक्रमण करने पर केस दर्ज करने के साथ ही जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
16 किमी माइनर हो रही कब्जा मुक्त
सिंचाई विभाग ड्रेनेज खंड की 10 किमी लंबी नौगढ़ माइनर और 5.9 किमी लंबी जगदीशपुर माइनर को कब्जा मुक्त कर रहा है। अतिक्रमण से विलुप्त हो चुकी माइनर की जेसीबी से खुदाई करवा कर सिंचाई विभाग उन्हें बेहतर स्वरूप दे रहा है। जेई एसके सिंह ने कहा कि माइनर के हेड से टेल तक पानी पहुंचाने के लिए कब्जा मुक्त अभियान जरूरी है।