संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। मौसम परिवर्तन के कारण हड्डी रोग से पीड़ित लोगों की परेशानी बढ़ गई है। भीषण गर्मी से निर्जलीकरण भी बढ़ रही है।
इससे हड्डियों के बीच में चिकनाई कम हो रही है, जिससे लोगों को सुबह शाम दर्द हो रहा है। वहीं पहले से हड्डियों रोग से पीड़ित मरीजों को तेज दर्द होने लगता है। सबसे ज्यादा दर्द उन्हें होता है, जिन्हें पुरानी चोट लगी हुई है।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग में वर्तमान समय प्रतिदिन 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं। इसमें सबसे अधिक जोड़ों का दर्द, कंधे में दर्द की शिकायतें मिल रही हैं। जबकि कई लोगाें को पुरानी बीमारी भी नहीं हुई है। ऐसे में मरीजों के पानी कम पीने की बात कही जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि पानी की कमी से हड्डियों के बीच की चिकनाहट सूख रही है। इससे लोगों को सुबह शाम जोड़ों के दर्द का सामना करना पड़ रहा है।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विमल द्विवेदी ने बताया कि गर्मी में कम पानी पीना से जोड़ों के दर्द बढ़ता है। यह समस्या बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं में भी देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि निर्जलीकरण से जोड़ों में चिकनाई कम हो जाती है, जिससे दर्द और अकड़न बढ़ जाती है।
गर्मी के मौसम में अधिक पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जो जोड़ों के स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। पानी जोड़ों को चिकना बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निर्जलीकरण से जोड़ों में श्लेष्म द्रव की मात्रा कम हो जाती है, जिससे जोड़ों के बीच घर्षण बढ़ जाता है और दर्द होता है। जबकि गर्मी के कारण जोड़ों में सूजन भी बढ़ती है, जिससे दर्द और भी बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि इससे बचने के लिए दिन में खूब सारा पानी पीने से शरीर को हाइड्रेटेड रखने में मदद मिलेगी, जिससे जोड़ों में चिकनाई बनी रहती है और दर्द कम होता है। वहीं ठंडा पानी पीने से शरीर को ठंडक मिलती है और जोड़ों में सूजन कम होने में मदद मिलेगी।स