सिद्धार्थनगर। शहर के जमुआर घाट को पर्यटन स्थल के रूप में उभरने की संभावना बढ़ती जा रही है। नगर पालिका परिषद की ओर से जमुआर घाट को राजस्थानी टाइल्स से चमकाया जा रहा है, जबकि रात में बिजली जाने के बाद भी दुधिया रोशनी के लिए सोलर लाइट लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही वहां पार्क बनाने की आवश्यकता है, जिसके लिए नगर पालिका परिषद ने प्रयास शुरू कर दिया है।
मुख्य शहर और पुरानी नौगढ़ एवं भीमापार के बीच में जमुआर घाट पर जलस्रोत के किनारे लोग सुखद अनुभूति करने पहुंच रहे हैं। जमुआर घाट पर आजादी के पहले बने पुराने पुल और उसके नीचे सुविधाजनक सीढि़यां आकर्षण बढ़ा रही हैं। नगर पालिका परिषद ने प्राकृतिक नाला जमुआर के दोनों शवदाह गृह को पूरब की ओर बनाकर उसका मार्ग भी बना दिया।
अब पश्चिम की ओर लोगों के मनोरंजन के लिए विकसित किया जा रहा है। 75 लाख रुपये से अधिक बजट से घाट की लंबाई 300 मीटर कर दी गई है। अब इस स्थान बड़े आयोजन भी किए जा सकते हैं। फिलहाल तेजी से कार्य किए जा रहे हैं और दो माह में टाइल्स के कार्य पूरे होने की संभावना है।
काश्तकारों की जमीन लेने की योजना : जमुआर घाट पर दस बीघा जमीन को घाट एवं पार्क के रूप में विकसित करने की योजना है। नगर पालिका परिषद ने विकास कार्यों के लिए आसपास के चार काश्तकारों को जमीन के बदले जमीन देकर विकास करने का खाका तैयार किया है। जमीन मिली तो दस बीघा से अधिक जमीन में वहां पर्यटन सुविधाएं मिलेंगी। इसके साथ नगर पालिका परिषद ने तहसील प्रशासन में जमीन के सीमांकन का आवेदन भी दिया है। ी