सिद्धार्थनगर। सिंचाई व्यवस्था के बेहतर होने की उम्मीद जगी है। यह उन किसानों के लिए खुशखबरी है, जहां के किसानों को खेती की सिंचाई में पानी के लिए जूझना पड़ता है। सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के मद्देनजर जिले में सात नए ट्यूबवेल लगाए जाने की योजना बन रही है। अगर सब कुछ सही रहा तो इसी खरीफ के सीजन में ट्यूबवेल लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
जिले के अधिकांश भू-भाग पर खेती होती है। यहां धान व गेहूं दो मुख्य फसल किसान लगाते हैं। कुछ ऐसे क्षेत्र हैं, जहां सिंचाई का संकट है। कारण अधिकांश क्षेत्रों में नहर की कोई व्यवस्था नहीं है। कुछ स्थानों पर नहरें हैं तो उन पर ध्यान नहीं देने की वजह से नहरें बेपानी रहती हैं। इससे किसानों को नहरों का भी लाभ नहीं मिलता है। वहीं, सिंचाई व्यवस्था को सुचार बनाए जाने के लिए जिले में 397 ट्यूबवेल लगें है, जिससे किसान खेतों की सिंचाई करते हैं। मगर सिंचाई के लिए और ट्यूबवेल की आवश्कता है। ट्यूबवेल लगाने के लिए पिछले दो वर्षों में 50 से अधिक किसानों ने ट्यूबवेल लगाने के लिए विभाग में आवेदन कर चुके हैं। मगर अब सिंचाई व्यवस्था में सुधार होने का अनुमान हैं।
विभागीय लोगों की माने तो ट्यूबवेल लगाने के शासन की ओर मंडल स्तर पर सूची तैनार की जा रही है, जिससे में बस्ती मंडल में सिद्धार्थनगर जिले के हिस्से में तकरीबन सात ट्यूबवेल मिलेंगे। यह भी माना जा रहा है कि इसी खरीफ सीजन मेें ट्यूबवेल लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। माना जा रहा है कि सात नए ट्यूबवेल लगने से सिंचाई व्यवस्था में बड़ा सुधार होगा। इस संबंध में एक्ईएन नलकूप खंड त्रयंबक सिंह ने बताया नए ट्यूबवेल लगाए जाने के लिए शासन से योजना बन रही है। जिले को सात नए ट्यूबवेल मिलने का अनुमान है। इससे सिंचाई व्यवस्था में सुधार होगा।