विभिन्न थानों की ग्राम पंचायतों में सरकारी धन के गबन में दर्ज मुकदमों का हाल
शौचालय निर्माण, पोखरों के सुंदरीकरण, सड़क व नाली निर्माण में हुआ था घोटाला
सिद्धार्थनगर। पोखरे के सुंदरीकरण, शौचालय, सड़क और नाली निर्माण की विभागीय जांच में सरकारी धन गबन करने की पुष्टि व केस दर्ज होने के बाद भी आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हो सकी है। अभी तक न तो उनसे वसूली हो सकी और न ही वह जेल गए है। यहां तक कि एक वर्ष बाद भी पुलिस अभी इन मामलों में विवेचना में ही जुटी है।
बढ़नी ब्लॉक के ग्राम पंचायत महादेव खुर्द में 2018-19 में मनरेगा से पोखरे की खुदाई में बिना कार्य कराए भुगतान कराने की शिकायत के बाद विभागीय जांच हुई। जिसमें मस्टरोल का प्रयोग कर 211925 रुपये गबन करने की पुष्टि हुई। जिसके बाद दो फरवरी 2023 को तत्कालीन प्रधान, तकनीकि सहायक, एपीओ मनरेगा व कंप्यूटर आपरेटर के विरुद्ध ढेबरूआ थाने में गबन का केस दर्ज कराया गया था। इसके बाद से पुलिस मामले की विवेचना में ही जुटी है। यहां पर अभी तक न तो आरोपियों से गबन की धनराशि वसूली हुई और न ही उन्हें जेल भेजा गया। वहीं बर्डपुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत बरगदी में शिकायत के बाद हुई जांच में शौचालय निर्माण में 5.76 लाख रुपये गबन की पुष्टि हुई। जिसके बाद तत्कालीन प्रधान व सचिव के विरुद्ध चार फरवरी 2023 को कपिलवस्तु कोतवाली में केस दर्ज कराया गया। इसमें भी अभी तक न तो आरोपियों से वसूली हुई और न ही उन्हें जेल भेजा गया। ऐसे ही उसका ब्लॉक के ग्राम पंचायत छितरापार में भी शौचालय घोटाले में तत्कालीन प्रधान व सचिव पर 17 लाख रुपये गबन करने के मामले में 25 जनवरी 2023 को केस दर्ज हुआ था। जिसमें भी आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई।
अनियमितता के चलते जा चुकी है तीन जान
भनवापुर ब्लॉक के ग्राम भरवटिया मुस्तहकम में विवाह घर हुए मरम्मत कार्य में अनियमितता के चलते बाढ़ के दौरान शरण लिए तीन लोगों की पिलर गिरने से दबकर मौत हो गई थी। 16 अक्तूबर 2022 को हुई घटना के बाद मामले में 20 अक्तूबर 2022 को तत्कालीन प्रधान, सचिव और ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई पर केस दर्ज कराया गया था। इसमें भी विभागीय जांच 2021-22 में विवाह घर के मरम्मत कार्य में अनियमितता की पुष्टि हुई थी, पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है, लेकिन आरोपी गिरफ्तारी नहीं हुए है।
यहां भी दर्ज है गबन का केस
भनवापुर ब्लॉक के ग्राम पंचायत डेंगहाजोत कस्तुरी में नाली निर्माण में 4.32 लाख रुपये के गबन के मामले में तत्कालीन प्रधान, सचिव व तकनीकी सहायक पर केस दर्ज है। मिठवल ब्लॉक के ग्राम पंचायत पिपरपतिया में शौचालय निर्माण में 3.12 लाख रुपये गबन के मामले में तत्कालीन प्रधान व सचिव पर केस दर्ज है। खुनियांव ब्लॉक के ग्राम पंचायत नागचौरी में सरकारी धन 4.09 लाख रुपये गबन के मामले में तत्कालीन प्रधान व सचिव पर केस दर्ज है। इन मामलों में भी आरोपी कार्रवाई की जद से बाहर है।
भ्रष्टाचार के मुकदमे में तत्काल गिरफ्तारी का प्रावधान है। इन मामलों में 60 से 90 दिन के बीच विवेचना पूरी कर न्यायालय में चार्जशीट प्रस्तुत करना चाहिए, क्योंकि इसी के आधार पर आरोपियों से रिकवरी की कार्रवाई शुरू होती है। अगर केस दर्ज दर्ज होने के आठ माह से एक वर्ष के बीच गिरफ्तारी और विवेचना पूरी नहीं हुई है तो यह पुलिस की लापरवाही है। इससे लगता है कि पुलिस आरोपियों को बचाने में संलिप्त है।
-संजय श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता अपराध
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गबन के मामलों की विभागीय जांच में हुई पुष्टि के बाद आरोपियों से सरकारी धन की वसूली के लिए नोटिस देकर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।
-पवन कुमार, डीपीआरओ