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Siddharthnagar News: कोटिया लूटकांड का पर्दाफाश, नेपाल के दो लुटेरे गिरफ्तार, दो फरार

Sat, 25 Nov 2023 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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नेपाल बार्डर के गुजरौलिया से एसओजी और शोहरतगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने पकड़ा
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सात नंवबर की रात लुटेरों ने दिया था वारदात को अंजाम

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/तुलियापुर। शोहरतगढ़ थाना क्षेत्र के कोटिया कस्बे में पुलिस चौकी 300 मीटर दूरी पर कारोबारी के घर हुए लूटकांड का शनिवार को पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। एसओजी और शोहरतगढ़ पुलिस की संयुक्त टीम ने नेपाल बार्डर से सटे गुरौलिया नहर के पुल से दो लुटेरों को पकड़ा है। उनके कब्जे लूट गए सामान और नकदी भी बरामद किया है। पकड़े गए बदमाश नेपाल के रहने वाले हैं। इस कांड में शामिल दो लुटेरे नहीं पकड़े गए हैं। पूछताछ करने के बाद उन्हें न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किय गया, जहां से जेल भेज दिया गया। हालांकि पुलिस इसे चोरी की वारदात बता रही है। जबकि परिवार के लोगों ने लूट बताया था और जाते समय बम फेंकने की बात कही थी।

एसओ शोहरतगढ़ राजकुमार पांडेय ने बताया कि सात नंवबर की रात क्षेत्र के कोटिया बाजार में चोरी की घटना हुई का पर्दाफाश करने के लिए थाने के अलावा एसओजी प्रभारी शेषनाथ यादव और सर्विलांस सेल प्रभारी सुरेंद्र सिंह की टीम लगी थी। शनिवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली की कोटिया में हुई वारदात को अंजाम देने वाले बदमाश क्षेत्र के गुजरौलिया नहर के पुल के पास आने वाले हैं। सूचना को संज्ञान में लेते हुए टीम के साथ बताए हुए स्थान पर पहुंच गए।
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इस दौरान दो लोग दिखे, पुलिस आगे बढ़ी तो भागने लगे। जवानों ने घेराबंदी करके पकड़ा। पूछताछ इन्होंने अपनी पहचान राकेश यादव निवासी बसंतपुर चौक थाना चंदरौटा जिला कपिलवस्तु, मनोज यादव निवासी औरहवा थाना महराजगंज जिला कपिलवस्तु राष्ट्र नेपाल बताया है। इनके कब्जे से 7700 भारतीय मुद्रा,एक कुल्हाड़ी, एक लोहे की खंती, लोहे की सरिया एक, पिलास व पेचकस बरामद हुआ है। पूछताछ के बाद दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।



नेपाल मेें रची थी वारदात करने की साजिश

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पकड़े गए आरोपियों ने बताया कि वह लोगों के दो अन्य साथी परवेज और राजकुमार जो नेपाल के ही रहने वाले हैं। सात नंवबर को महाराजगंज चौराहा जो नेपाल में है पर फोन से बुलाकर घटना की प्लानिंग किया था। उसी दिन रात्रि में हम चारों लोग दो बाइकों से नेपाल बाॅर्डर के पास मुजहना गांव के पास नेपाल में ही अपनी बाइकों को खड़ा किया गया। वहीं पर ढेर सारे बांस रखे थे। उन्हीं बांसों से सीढ़ी बनाकर साथ लेकर कोटिया कस्बे में एक घर के पीछे परवेज लेकर पहुंचा, जहां पर सीढ़ी लगाकर हम चारों लोग एक घर के पीछे से घर पर चढ़े और दरवाजा खोलकर घुसने का प्रयास किए। लेकिन लोहे का दरवाजा होने के कारण नहीं खुला तो बगल के घर में सीढ़ी के रास्ते उतरकर दरवाजा तोड़कर घर में घुसकर आलमारी और बाक्स तोड़कर पैसा और जेवरात चुरा लिए। लोग जग गये थे हल्ला कर रहे थे तो हम लोग लहसुन बम फेंक कर भाग गये थे। आज परवेज ने दूसरी जगह घटना करने के लिए बुलाया था। जेवर और पैसा के संबंध में पूछताछ करने पर बताये कि हम लोगों को अभी 25-25 हजार पैसा मिला था, जेवर अभी परवेज के पास है, बिकेगा तो पैसा देने के लिए परवेज ने कहा था, जो अभी पैसा नहीं दिया है।
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बन से कस्बे के लोगों में अभी भी दहशत

कोटिया बाजार में हुई लूट की घटना ने एक समय पूरे जिले को ही सकते में ला दिया था। लुटेरों के द्वारा लूट के तरीके व बम फोड़कर जाते समय चौराहे के लोगों को धमकी देने से पूरे चौराहे के लोगों में अब तक दहशत व्याप्त है। पुलिस के द्वारा दो लुटेरों की गिरफ्तारी से लोगों का डर कुछ कम हुआ है। इस घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में तत्कालीन कोटिया चौकी प्रभारी व दो अन्य पुलिसकर्मियों को एसपी ने निलंबित कर दिया था और नए चौकी प्रभारी की तैनाती भी कर दिया था। इसके अलावा क्षेत्रीय लोगों ने पुलिस के सामने अभियुक्तों के बयान पर भी सवालिया निशान उठाया है। लोगों के मुताबिक जब पीड़ित अवधेश अग्रहरि, उनकी पत्नी व उनके एक रिश्तेदार ने डेढ़ दर्जन लुटेरों के होने की बात कही थी तो चार लुटेरों के द्वारा लूट की घटना करने की बात कैसे मानी जा सकती है।
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