सिद्धार्थनगर। नोटबंदी के चलते बैंकों में लग रही भीड़ से जूझ रहे लोगों को अब कैश लेकर चलने पर भी पाबंदी लग गई है। 50 हजार रुपये से अधिक का कैश लेकर नहीं चल सकेंगे। अगर इससे अधिक मात्रा में कैश पाया गया तो उसका पूरा विवरण देना होगा। अगर यह रिकार्ड उपलब्ध नहीं करा पाए तो यह पैसा जब्त कर लिया जाएगा।
चुनाव आयोग के निर्देशों की जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र शंकर ने विकास भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेस में बताया कि बैंकों से होने वाले लेन-देन पर भी नजर रखी जाएगी। किसी खाते में 10 लाख रुपये से अधिक का लेन-देन हुआ तो बैंकों को तत्काल इसकी सूचना प्रशासन को देनी होगी। प्रशासन अपने स्तर से इसकी पड़ताल कराएगा।
उन्होंने बताया कि किसी भी शासकीय सेवक का विधायक-मंत्री के चुनाव संबंधी कार्यों के दौरान व्यक्तिगत भेंट या स्वागत को आचार संहिता का उल्लंघन माना जाएगा। सरकारी संसाधनों का निर्वाचन कार्य के अलावा अन्य कार्य में उपयोग नहीं होगा।
एसपी राकेश शंकर ने बताया कि चुनाव में प्रत्याशियों के हर गतिविधि की मॉनिटरिंग के लिए फ्लाइंग स्क्वॉयड, वीडियो सर्विलांस टीम, स्टेटिक सर्विलांस टीम लगाई गई है। अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर 39 स्थानों पर पोस्ट लगाकर नियमित चेकिंग होगी। सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पड़ोसी जनपदों से लगती सीमा पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। वार्ता में एडीएम बाबूराम, सीडीओ अनिल मिश्र भी मौजूद रहे।
दोहरी नागरिकता वाले वोटरों पर रहेगी नजर
हर बार चुनाव में मुश्किलें खड़ी करने वाले दोहरी नागरिकता वाले वोटरों प्रशासन की कड़ी निगाह रहेगी। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि कई चक्रों में मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराया गया है। सभी तथ्यों के सत्यापन के बाद ही मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। अंतिम प्रकाशित सूची में जिनके नाम होंगे, उन्हें ही मतदान का मौका मिलेगा।
अघोषित प्रत्याशियों के खर्चे पर स्थिति स्पष्ट नहीं
आचार संहिता लागू होने के साथ ही प्रत्याशियों के खर्चे की निगरानी भी शुरू हो चुकी है। चुनाव प्रचार में होने वाले हर खर्च को प्रत्याशियों के खाते में जोड़ा जाएगा। हालांकि जिन दलों में प्रत्याशी घोषित नहीं है, उनके खर्चे को लेकर प्रशासन स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया है। टिकट के विभिन्न दावेदारों की ओर से धनराशि खर्च की जा रही है। जिला निर्वाचन अधिकारी का कहना था कि प्रत्याशियों का खर्च उनके चुनाव खाते में जोड़ा जाएगा, मगर अघोषित प्रत्याशी वाले दलों के सवाल पर वह जवाब नहीं दे सके।