कम्हरिया गांव में खाली करवाए गए जमीन पर पिलर लगाकर किया गया कब्जा।
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डुमरियागंज। प्रदेश में अवैध कब्जा मुक्त कराने की सूची में भले ही जिला अव्वल बन गया हो, लेकिन धरातल पर सच्चाई इससे इतर है। आत्ममुग्धता से ओतप्रोत अधिकारी अभी तक सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त नहीं करा पाए हैं। ग्राम अमौना में चारागाह पर अवैध कब्जा है। बहेरिया गांव के सरकारी तालाब को कुछ लोगों ने कब्जे में ले रखा है। न्यायालय से आदेश मिलने के बाद भी प्रशासन ऐसी भूमि को कब्जा मुक्त नहीं करा पा रहा है। सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराने की लिस्ट में जिला नंबर वन घोषित किया गया है।
पीएम का जिला वाराणसी व सीएम का गोरखपुर सूची में मीलों पीछे छूट गया, लेकिन डुमरियागंज तहसील की तस्वीर ही उलटी है। यहां अदालत से भूमि पर कब्जा हटाने का आदेश पारित होता है, लेकिन प्रशासन उसका अनुपालन नहीं करा पा रहा। इस संबंध में तहसीलदार डुमरियागंज शिवमूर्ति सिंह ने कहा कि सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे की शिकायत या कोई मामला संज्ञान में आता है तो प्रशासन संबंधित के खिलाफ विधिक कार्रवाई करेगा। अवैध कब्जा की भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही है। ग्राम बहेरिया में सरकारी तालाब पर एक व्यक्ति ने मिट्टी पाट अवैध कब्जा कर रखा है। शौचालय का टैंक भी बनवा लिया। ग्राम निवासी रामदास ने अवैध कब्जे की शिकायत तहसीलदार से किया। जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि भी हुई।
तत्कालीन तहसीलदार ने सरकारी जमीन से बेदखली का आदेश भी कर दिया, लेकिन अभी तक अनुपालन नहीं हो सका। गांव अमौना तिवारी, मरवटिया व पेड़रिया को मिला कर एक ग्राम पंचायत है। ग्राम मरवटिया व अमौना तिवारी में राम पंचायत ने पशुचर की करीब 50 बीघा भूमि छोड़ रखी है। गांव के कुछ लोगों ने इस पर कब्जा कर रखा है। ग्राम के गिरिजेश प्रसाद ने डीएम से इसकी शिकायत की। अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्राम सेमरा बनकसिया में सरकारी तालाब पर एक युवक ने कब्जा कर लिया है। ग्राम निवासी ओमप्रकाश शुक्ला ने प्रशासन से मामले की शिकायत किया। मामला हाईकोर्ट तक गया। न्यायालय ने सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने का निर्देश दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इसी तरह ग्राम हिजुरा के चारागाह की जमीन पर आधा दर्जन पक्का निर्माण हो गया। हाईकोर्ट ने सरकारी जमीन को खाली कराने का निर्देश दिया लेकिन प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है।