सिद्धार्थनगर। ठंड बढ़ने कारण नाक, कान के साथ गले के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इससे प्रतिदिन 40 से 50 रोगी अस्पताल में उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें से अधिकतर मरीज टांसिल, चुभन और जलन के हैं, जबकि अन्य समस्याओं के मरीजों में भी इजाफा हुआ है।
कड़ाके की ठंड मरीजों की सेहत पर असर डाल रही है। गले में सूजन, दर्द और जलन की समस्या लोगों को परेशान कर रही है। शीतलहर से जन-जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के ईएनटी विभाग में ठंड की वजह से गले में कफ जमा होने की समस्या के साथ ही जलन, गले की नली में सूजन आदि की समस्याओं के मरीज बढ़े हैं।
बृहस्पतिवार को ओपीडी में गले की समस्या के साथ ज्यादातर खाना खाने, पानी पीने के बीच गले में दर्द, गले की नली में सूजन आदि की समस्याओं के रहे। ईएनटी डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि ठंड के दिनों में गले में एलर्जी की समस्याएं बढ़ जाती हैं। कफ की समस्या से गले की नली में भी दिक्कत होने की संभावना रहती है। बचाव के लिए गर्म पानी से गरारे करना काफी फायदेमंद है। यह गले के लिए एंटीबायोटिक का काम करता है। साथ ही गर्म पानी का सेवन ही करना चाहिए।