इटवा/बांसी/शोहतरगढ़। बढ़े हुए बिजली दर वापस लेने व मनमाने दामों पर यूरिया की बिक्री पर अंकुश लगाने की मांगों को लेकर भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को इटवा, बांसी, शोहरतगढ़, डुमरियागंज तहसील परिसर में पंचायत लगाई। मांगों को लेकर संबंधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। समस्याओं का समाधान न होने पर आंदोलन को उग्र रूप देने का ऐलान किया।
बांसी तहसील में आयोजित धरने में तहसील प्रभारी उपेंद्र कुमार यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिजली का मूल्य बढ़ाया है, जो किसान विरोधी फैसला है। सरकार को किसानों के हित में यह फैसला वापस ले लेना चाहिए। बैठक को विश्वनाथ प्रजापति, सुग्रीम, रामदेव, तौलन आदि मौजूद रहे। शोहरतगढ़ तहसील परिसर में आयोजित पंचायत में श्रवण कुमार ने कहा कि बिजली की दरों में वृद्धि से सबसे ज्यादा प्रभावित प्रभावित किसान हो रहे हैं। प्रदेश सरकार बिजली बिल को वापस ले। सभी गांवों में पात्रों को सरकारी राशनकार्ड का लाभ मिले।
गांव में बिना भेदभाव के शौचालय निर्माण में सरकारी सहायता राशि का लाभ दिया जाए। प्राइवेट उवर्रक की दुकानों पर रेट सूची के अनुसार खाद-बीज की बिक्री नहीं किया जा रहा। इस दौरान बाबूराम, कन्हैई प्रसाद, घनश्याम चौधरी, सर्वजीत शर्मा, भूलन, जंगीलाल, शोभावती, उर्मिला, ज्ञानमती आदि मौजूद रहे। इटवा तहसील परिसर में आयोजित पंचायत में तहसील अध्यक्ष राकेश कुमार श्रीवास्तव ने 24 सूत्रीय मांगपत्र एसडीएम जुबेर बेग को सौंपा। बिजली दरों में वृद्धि को किसान विरोधी करार दिया। नहरों में पानी छोड़े जाने की भी मांग की। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष इटवा अब्दुल रहीम, ब्लॉक अध्यक्ष खुनियांव मो. मुनीफ, राजेन्द्र प्रसाद विश्वकर्मा, रामसेवक, चन्द्र प्रकाश यादव, ललाऊ, मुस्तफा, सुशीला देवी, रीता, तीरथा देवी, रामलौटन, हरीराम मौर्य आदि मौजूद रहे।