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मां के कदमों में जन्नत का वास

Fri, 29 Apr 2016 11:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिद्धार्थनगर
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सोहांस क्षेत्र में कांफ्रेस को खेताब करते मौलाना। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मानव जीवन में मां जैसी नेमत संसार में कोई नहीं। मां जीवन है, जिसके जीवन में मां नहीं उसका जीवन अधूरा है। धन्य हैं वे लोग जो जीवित मां को पाकर उनकी सेवा करके अपने स्वर्ग के मार्ग को अपनाकर जन्नत हासिल कर सकते हैं। यही कारण है कि कुरान-ए-पाक में स्पष्ट लिखा है कि मां के कदमों के नीचे जन्नत है।
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यह बातें गुरुवार की रात सोहांस बाजार ग्राम सभा के टोला मैनहवा में स्थित मदरसा कंजुल वलूम के परिसर में आयोजित एक दिवसीय तौहीद-ए-कांफ्रेेंस में डॉ.फरीद सल्फी ने खेताब करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि आज समाज में बहुत से ऐसे मानव हैं, जो अपनी बूढ़ी मां और बाप के साथ बदसलूकी किया करते हैं।
किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए। नाराज मां की बद्दुआ सीधे अल्लाह के दरबार में सुनी जाती है। लोगों ने मां की बद्दुआ से हर क्षण हर पल बचो, वरना बर्बादी के सिवाय कुछ नहीं मिलेगा। कांफ्रेंस में नेपाल झंडानगर में मौजूद जामिया सेराजुल वलूम के उस्ताद मौलाना अनीसुर्रहमान मदनी ने कहा कि आप को अपने सकून के लिए अच्छे और नेक पड़ोसी का चयन करना होगा। वह चाहे जिस जाति व धर्म का हो। पड़ोसी से अच्छा सलूक करना चाहिए। इस्लाम का यही सच्चा पैगाम है। 
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कांफ्रेंस की सदारत कर रहे जामिया दारुल हुदा यूसुफपुर के सेवानिवृत्त सदर मौलाना मोहम्मद इब्राहिम रहमानी ने कहा कि धर्मपत्नी आपकी गुलाम नहीं, बल्कि आपकी दोस्त है। उनकी कमियों को सुधारो और उनकी कमियों को बार-बार मत बखान करो। इससे आप के जीवन में हमेशा खुशहाली आएगी। समाज में ऐसा कम होता है कि लोग अपने हमसफर से अच्छा व्यवहार करते हैं। कांफ्रेंस को मौलाना अब्दुर्रहीम अमीनी, मौलाना अहमद हुसैन फैजी, मौलाना मोहम्मद फैसल बिन अब्दुल वहाब आदि उलेमाओं ने खेताब किया। 
कांफ्रेंस की शुरुआत कुरान-ए-पाक की तेलावत से हाफिज व कारी सलमान, संचालन मौलाना अफजल एहसान असरी व सदारत मौलाना मु.इब्राहिम रहमानी ने किया। आयोजक मौलाना उस्मान व अब्दुर्रउफ ने आभार जताया। इस अवसर पर मदरसा कंजुल वलूम के प्रबंधक मा.जमील अहमद, डॉ.मोहम्मद मोगीश, मौलाना ईशा बेलाल फैजी, मौलाना अब्दुर्रहमान मदनी, हाजी जलालुद्दीन, हाजी शहाबुद्दीन, मु.मुस्तकीम खान, मौलाना फारुक फैजी, हाजी जमील आदि मौजूद रहे।  
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