सिसवा बुजुर्ग के प्राथमिक विद्यालय में बदहाल पड़ा शौचालय।
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केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन में स्कूलों को प्राथमिकता पर रखा गया है। यहां साफ-सफाई से लेकर शौचालयों की बेहतरी के लिए तमाम दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहें, बावजूद स्कूलों में शौचालयों की स्थिति नहीं सुधर रही। विकासखंड के परिषदीय स्कूलों में अधिकांश शौचालय बदहाल पड़े हैं।
गंदगी से पटे इन शौचालयों का उपयोग नहीं हो रहा। उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव आलोक रंजन ने 17 नवंबर 2015 को पत्र भेजकर 13वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के आधार पर अभियान चलाकर जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में बदहाल व निष्प्रयोज्य शौचालयों को ठीक कराने का निर्देश दिया था।
पंचायती राज विभाग की ओर से राजस्व ग्रामों में तैनात सफाई कर्मियों को शौचालयों की नियमित सफाई की हिदायत दी गई थी। इस आदेश का क्षेत्र में कहीं भी पालन नहीं हो रहा। परिषदीय विद्यालयों के शौचालयों को अभी तक ठीक करने की पहल नहीं की गई है।
औरहवा विद्यालय में बना शौचालय दरवाजा विहीन है। लिहाजा इसका उपयोग नहीं हो पा रहा। सिसवा बुजुर्ग में शौचालय गंदगी से पटा है। ऐसे तमाम स्कूल क्षेत्र में हैं, जहां स्वच्छता अभियान की हवा निकल रही है। विभागीय जिम्मेदार इससे बेखबर बने हुए हैं। इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में निष्प्रयोज्य पड़े शौचालय की सूची तैयार कर ली गई है। शीघ्र ही इसे दुरुस्त कराकर शुरू कराया जाएगा।