मातहतों के साथ बैठक करते आईजी जोन मोहित अग्रवाल।
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सिद्धार्थनगर। दुर्गा पूजा प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर रविवार को आयोजित बैठक बेनतीजा रही। काफी जद्दोजहद के बाद पूजन समितियों के पदाधिकारी मंगलवार को प्रतिमा विसर्जन को तो राजी हो गए, लेकिन यह तय नहीं हो पाया कि विसर्जन दिन में होगा या रात में। पुलिस दिन में ही विसर्जन जुलूस निकालने का आग्रह करती रही, जबकि पूजन समिति के लोग पूर्व की तरह रात में ही विसर्जन पर अड़े रहे। इस पर निर्णय के लिए सोमवार को व्यापार मंडल कार्यालय पर बैठक बुलाई गई है। यहां बहुमत के आधार पर सामूहिक निर्णय लिया जाएगा। बैठक के दौरान लोगों ने डीजे साउंड का इस्तेमाल रोकने पर भी आपत्ति जताई। यह भी कहा कि अगर उन पर प्रतिबंध लग रहा है तो मोहर्रम जुलूस में भी प्रतिबंध लागू होना चाहिए।
इस बार विजयादशमी और मोहर्रम में सिर्फ एक दिन का अंतराल है। दुर्गा पूजा के लिए स्थापित की जाने वाली प्रतिमाओं का विसर्जन नियमानुसार दशमी को होता है, मगर इस दिन मंगलवार होने के चलते लोग अगले दिन विसर्जन का मन बना रहे हैं। इसकी भनक लगने के साथ प्रशासन सक्रिय हो गया है। रविवार को नगर के हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में सभी पूजन समितियों के पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर मंगलवार को विसर्जन पर सहमति बनाने की कवायद जारी रही।
सदर एसओ शिवाकांत मिश्र ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए मंगलवार की सुबह ही विसर्जन की बात रखी। पहले तो लोग इस पर तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि इस दिन विसर्जन उचित नहीं है। बाद में यह तय हुआ कि सोमवार की देर रात ही हवन-पूजन कर मूर्ति थोड़ा किनारे कर दी जाएगी। फिर मंगलवार को विसर्जन कर दिया जाएगा। एसओ ने सुबह ही प्रतिमा विसर्जित करने को कहा तो लोग इस पर राजी नहीं हुए। उनका कहना था कि विसर्जन के लिए वाहन सहित अन्य इंतजाम शाम के लिए किया है, इसे टालना मुश्किल है। काफी जद्दोजहद के बाद सोमवार को बैठक कर बहुमत के आधार पर निर्णय लेने पर सहमति बनी।