मंसाछापर। विशुनपुरा ब्लॉक के चैती मुसहरी गांव की दलित बस्ती में शुक्रवार को मनरेगा मजदूरों से जागरूकता अभियान के नाम पर सौ-सौ रुपये की अवैध वसूली का मामला सामने आया। सूचना मिलते ही ग्राम प्रधान ओमप्रकाश प्रसाद मौके पर पहुंचे और वसूली का विरोध किया।
बताया जाता है कि एक महिला समेत तीन लोग गांव की दलित बस्ती में पहुंचे और मनरेगा मजदूरों को जागरूक करने की बात कहकर उनसे सौ-सौ रुपये लेने लगे। इसी दौरान इसकी जानकारी ग्राम प्रधान ओमप्रकाश प्रसाद को हुई तो वह तुरंत मौके पर पहुंच गए और गरीब मजदूरों से रुपये लेने का विरोध किया।
वसूली करने आए लोगों ने मनरेगा मजदूर संघ की ओर से जारी एक पत्र भी दिखाया, जिसमें केवल मजदूरों को जागरूक करने की बात लिखी थी। रुपये लेने का कोई उल्लेख नहीं था। इसके बाद ग्राम प्रधान ने मामले की शिकायत बीडीओ से लेकर डीसी मनरेगा से की।
डीसी मनरेगा से दूरभाष पर बातचीत होने के बाद 11 मजदूरों से लिए गए सौ-सौ रुपये वापस कराए गए। ग्राम प्रधान और ग्रामीणों के कड़े रुख को देखते हुए तीनों लोग मौके से भाग निकले।
मामले की जानकारी होते ही सचिव को तत्काल लिए गए रुपए को वापस करवाने को बोला गया है। कौन लोग है, जो मनरेगा मजदूरों से अवैध वसूली कर रहे है, इसकी जानकारी नहीं है।
अखंड प्रताप बीडीओ विशुनपुरा