धनघटा। क्षेत्र के बारीडीहा में सार्वजनिक रास्ते और बंजर भूमि पर कब्जे पर मंगलवार को ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। गांव के कुछ लोगों द्वारा रास्ता रोके जाने के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाओं और ग्रामीणों ने तहसील मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इसके बाद ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार धनघटा को शिकायती पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है।
ग्रामीणों का आरोप है कि रास्ते पर कब्जे के कारण गांव के लगभग 150 परिवारों का आवागमन ठप होने के कगार पर पहुंच गया है। एसडीएम को सौंपे पत्र में बारीडीहा निवासी सुग्गी देवी, शशिकला, चानमती, सुमन और तारा देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव के ही कुछ लोग एकजुट होकर गांव की बंजर भूमि पर कब्जा कर रहे हैं। इस अवैध निर्माण से पुराना सार्वजनिक रास्ता पूरी तरह बाधित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने इसे रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें अंजाम भुगतने की धमकी दी। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि यह रास्ता गांव की लाइफलाइन है। रास्ता बंद होने से बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को मुख्य मार्ग तक पहुंचने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस कब्जे को नहीं रोका गया तो गांव में कभी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन तत्काल स्थलीय निरीक्षण कर सार्वजनिक रास्ते को अतिक्रमण मुक्त कराए।
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कोट
शिकायती पत्र का संज्ञान लेते हुए मामले को जांच के लिए पुलिस और राजस्व टीम को अग्रसारित कर दिया गया है। मौके की जांच कराकर कब्जा हटवाया जाएगा और शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
-रविकांत चौबे, एसडीएम