मानदेय वृद्धि, कर्मचारी का दर्जा सहित अन्य मांगों को लेकर आशा बहुओं ने रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर में अनशन किया। चौबीस घंटे के अनशन पर बैठीं आशाओं ने शासन-प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया और मांगों के समर्थन में नारेबाजी की।
एनएच अजनबी शिक्षा ग्राम विकास संस्थान के बैनर तले लामबंद आशाओं को संबोधित करते हुए महिला जागो हक मांगों के राष्ट्रीय महासचिव देवेंद्रनाथ त्रिपाठी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में आशाएं पूरे मनोयोग से काम कर रही हैं। बावजूद उनकी उपेक्षा की जा रही है।
आशाओं को केंद्रीय कर्मचारी का दर्जा मिलने तक हर माह 24 घंटे का अनशन कर विरोध प्रदर्शित किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष रीता गोस्वामी ने कहा कि अपने हक के लिए जरूरत पड़ी तो आशाएं आत्मदाह से भी पीछे नहीं हटेंगी। बिंदुमती मिश्रा ने कहा कि महिलाओं को बंधुआ मजदूर बनाकर काम लिया जा रहा है।
केंद्र व प्रदेश की सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है। निरुपमा मिश्रा ने कहा कि सरकार आशाओं को शीघ्र कर्मचारी का दर्जा नहीं देगी तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।
आशाओं ने पूर्व सीएमओ अनीता सिंह के तबादले की निंदा करते हुए उन्हें दोबारा जिले में नियुक्त करने की मांग की। कहा कि एक पखवाड़ा में यह मांग पूरी नहीं हुई तो डीएम कार्यालय पर 36 घंटे का अनशन करने को बाध्य होंगे।
प्रदर्शन में रिंकी वर्मा, गिरजेश सिंह, राधिका देवी, प्रेमलता, विंद्रावती, एनएच अजनबी, सैयद इरफानुल हक, विंदवासिनी, सावित्री, बुट्टन, सत्यवती, चंद्रकला, कमलावती, दुर्गावती, मीना, प्रेमलता, मतीबुन्निशा, सावित्री, किरण, कौशल, संगीता, फूलकुमारी आदि शामिल रहीं। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष शीला साहनी ने किया।