संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जिलाधिकारी डाॅ. राजा गणपति आर माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे औचक निरीक्षण करने पहुंचे। डॉक्टरों व कर्मचारियों ने यह खबर तत्काल पहुंच गई, जबकि दवा और जांच के दलाल भाग खड़े हुए। उन्होंने कहा कि कोई भी डॉक्टर बाहर की दवा नहीं लिखेंगे, यदि बाहर की दवा लिखने की शिकायत मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
यहीं कारण रहा कि अन्य दिनों की अपेक्षा मेडिकल कॉलेज की बाउंड्री के खिड़कियों से दवा खरीदने वालों की संख्या कम हो गई, क्योंकि दवा लेने वाले मरीजों का गुमराह करना कठिन हो गया। जिलाधिकारी ने इमरजेंसी कक्ष, इमरजेंसी वार्ड, जनरल वार्ड आदि का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एमसीएच विंग आदि को भी देखा। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आने वाले मरीजों/तीमारदारों से अच्छा व्यवहार करें, उन्हें अनावश्यक परेशान न करें।
डॉक्टर, स्टॉफ नर्स से मांगा स्पष्टीकरण, लिपिक को प्रतिकूल प्रविष्टि : जिलाधिकारी ने तीमारदारों से खाने व स्वास्थ्य के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही मरीज विवरण पंजिका को देखा। मरीज विवरण पंजिका में मरीज का विवरण दर्ज न होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
जिलाधिकारी ने डाॅ. गोविंद भरत व स्टाप नर्स अनिल का स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने प्रसूति संकाय कक्ष को भी देखा। मरीजों के बेड पर मरीज के विवरण नहीं लिखा गया है। गर्भवती महिला शशिकला का केस सीट को देखा गया।
प्रसव के बाद प्रोत्साहन राशि का विवरण न भरा होने पर जिलाधिकारी ने डाॅक्टर पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। इस मामले में उन्होंने बाबू अनूप श्रीवास्तव को प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया गया।
इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. रजत कुमार चौरसिया सहित अन्य संबंधित डाक्टर कर्मचारी उपस्थित थे।