संवाद न्यूज एजेंसी
खुनुवां। नेपाल के त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट (टीआईए) पर इमिग्रेशन ऑफिस ने सऊदी अरब से नेपाल लौटीं तीन महिलाओं को फर्जी पहचान और नेपाली पासपोर्ट के दुरुपयोग के शक में हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।
सऊदी सरकार की ओर से डिपोर्ट किए जाने के बाद नेपाली एंबेसी के जरिए ये महिलाएं मंगलवार को काठमांडू पहुंची थीं। इमिग्रेशन ऑफिस के अनुसार तीनों महिलाएं करीब दस साल पहले सऊदी अरब गई थीं। हाल ही में उनके पासपोर्ट की वैधता समाप्त होने के बाद सऊदी अधिकारियों ने उन्हें हिरासत में लिया और डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू की। इसके तहत नेपाली एंबेसी ने ट्रैवल परमिट जारी कर उन्हें नेपाल भेजा।
एयरपोर्ट पर पूछताछ में गहराया शक : एयरपोर्ट पर सामान्य पूछताछ के दौरान अधिकारियों को तब संदेह हुआ जब महिलाएं नेपाली भाषा न तो समझ पाईं और न ही बोल सकीं। उनके हाव-भाव और पहचान भी नेपाली नागरिकों से मेल नहीं खा रही थीं। सूत्रों के मुताबिक डॉक्यूमेंट्स में महिलाओं के नाम कालीमाया तमांग, इंद्रमाया लिंबू और सानू लामा तमांग दर्ज हैं। इमिग्रेशन ऑफिस का कहना है कि इन्हीं नामों पर जारी ट्रैवल परमिट के साथ उन्हें नेपाल भेजा गया था, लेकिन मुस्लिम परिधान, भाषा की जानकारी का अभाव और व्यावहारिक संकेतों ने उनकी असली पहचान और नागरिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।