संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर/ डुमरियागंज। ठंड ने एक बार फिर लोगों को कंपाना शुरू कर दिया। शनिवार को जहां धूप से लोगों को राहत मिली थी। वहींं, शाम होते ही घने कोहरे के आगोश में आ गया। वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गया और रेंगते हुए देखे गए।
इसके साथ ही गलन बढ़ गई, जबकि रविवार सुबह की शुरुआत बर्फीली हवाओं से हुई, जिसने लोगों को हिलने पर विवश कर दिया। लोग गर्म पकड़ों में लिपटे रहने के बाद भी हवाओं का वेग ऐसा था कि अंदर से कंपकपी निकल रही थी। दोपहर बाद सूर्यदेव के दर्शन तो हुए, लेकिन हवा के आगे किरणें शरीर को गर्मी का अहसास नहीं कर पा रही थीं। शाम होते ही लोग घरों में कैद हो गए।
वहीं, तापमान की बात करें तो शनिवार की तुलना में 11 के बजाय 13 डिग्री न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। तापमान में दो डिग्री की वृद्धि तो हुई, लेकिन ठंड और हावी रहा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अभी गलन बरकरार रहेगी। ठंड की मार सहने के लिए तैयार रहें।
इस बार की ठंड में मौसम के रंग हर दिन और हर घंटे बदल रहे हैं। एक दिन धूप तो दूसरे दिन कड़ाके की ठंड और घने कोहरे से सामना हो रहा है। 15 दिसंबर के बाद से मौसम का यही रंग चल रहा है। 25 दिसंबर के बाद ठंड ने असर दिखाना शुरू किया, जो अभी तक जारी है। कई दिनों से लोग ठंड से परेशान हैं।
शनिवार सुबह से ही आसमान साफ रहा और धूप खिली तो लोगों को लगा कि अब ठंड से राहत मिल जाएगी। क्योंकि अधिकतम 21 और न्यूनतम 11 डिग्री दर्ज किया गया था, लेकिन धूप के बाद एक-एक कोहरे ने रात को और काली बना दिया। हाल यह हुआ कि आठ बजे से ही मैदानी इलाकों में घना कोहरा दिखा, जिससे आवागमन करने वालों को कठिनाइयों से गुजरना पड़ा। वहीं, रविवार सुबह तेज हवा शुरू हो गई।
लोग गर्म कपड़ों से लिपट गए और बहुत जरूरत पड़ने पर ही लोग निकले। बाजार में अन्य दिनों की तुलना में बहुत ही कम आवाजाही रही। दोपहर बाद धूप खिली तो लगा की राहत मिल जाएगी, लेकिन हवा धूप की किरणों पर भारी पड़ रही थी। कारण धूप के बाद भी लोगों को गलन से राहत नहीं मिल रही थी।
डुमरियागंज प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र में रविवार के पूरे दिन धूप खिली रहने से क्षेत्रवासियों को ठंड से राहत मिली। हालांकि शाम ढलते ही गलन और ठंड का प्रकोप तेज हो गया, जिससे लोग घरों में रजाई में दुबकने को विवश हो गए। डुमरियागंज नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में पिछले सप्ताह कई दिनों तक पड़ी हाड़कंपा देने वाली ठंड से लोग बेहाल रहे थे, लेकिन मौसम के एकाएक करवट बदलने के बाद शुक्रवार की सुबह सूर्योदय के साथ ही धरती पर तेज धूप खिलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली थी।
इसी तरह से शनिवार के बाद रविवार को भी पूरे दिन धूप का आनंद लोगों ने किया। हालांकि शाम ढलते ही बर्फीली हवाओं के चलने से लोगों को गलन का अहसास होने लगा और लोग अपने घरों में रजाई और कंबल से लैस होने को विवश हो गए। जगह-जगह लोग अलाव जलाकर आग की तपिश से ठंड से राहत पाने की जतन करते भी दिखाई दिए।ह