हृदयाघात से हुई थी ध्रुवराज की मौत
त्रिलोकपुर थानाक्षेत्र के हथपरा गांव में विवाद में हुई थी वृद्ध की मौत
हत्या के मामले में पुलिस 12 लोगों को भेज चुकी है जेल
मनोज शुक्ला
मन्नीजोत। त्रिलोकपुर थानाक्षेत्र के हथपरा गांव में हुई ध्रुवराज की मौत के मामले में नया मोड़ आ गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में ध्रुवराज की मृत्यु हृदयाघात से होना आया है। इस मामले में पुलिस परिजनों की शिकायत पर हत्या का केस दर्ज कर 12 लोगों को जेल भी भेज चुकी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आरोपियों को दोषी सिद्ध करना पुलिस के लिए मुश्किल होगा।
क्षेत्र के हथपरा गांव में 20 अगस्त को मृतक ध्रुवराज (60) और गांव के ही सफी मोहम्मद आदि के बीच जमीन के विवाद में मारपीट हुई थी। इस घटना में वृद्ध की मौत हो गई थी। ध्रुवराज के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने 12 लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। मामला दो समुदाय से जुड़ा होने के कारण गांव में बवाल और आरोपी के भुसैले को उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिया था। गांव में कई दिनों तक फोर्स जमी रही। पुलिस नामजद लोगों को जेल भेजकर मामले की जांच कर रही है। इसी बीच इस कांड में एक नया खुलासा हुआ है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में आया कि ध्रुवराज की मौत किसी गंभीर चोट से नहीं हुई थी, बल्कि हॉर्ट फेल होने से हुई थी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस की जांच में बड़ा रोड़ा होगा क्योंकि आरोपियों को हत्या के मामले में जेल भेजा गया है। कानून के जानकारों के अनुसार अगर मारपीट में हॉर्ट फेल हुआ हो तब भी हत्या की धारा में केस दर्ज नहीं हो सकता। अब पुलिस को जांच की दिशा भी बदलनी होगी और केस से हत्या की धारा भी हट सकती है। इधर, वहीं ध्रुवराज के बेटे उमेश वर्मा ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को गलत बताया है उनका दावा है कि पिता ध्रुवराज के सिर के पिछले हिस्से में चोट लगी थी जहां से खून भी बह रहा था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हृदयाघात होना बताया गया जो दुर्भाग्यपूर्ण है। थानाध्यक्ष त्रिलोकपुर रणधीर मिश्र ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हृदयाघात हैं। विवाद के दौरान चोट लगने से भी हृदयाघात हो सकता है।