रेलवे कालोनी में हुई घटना के बाद मौके पर जांच करती पुलिस।
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
युवक का शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला
उसका थानाक्षेत्र के महुआ गांव का था निवासी
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। नौगढ़ रेलवे कॉलोनी में रहने वाले एक गेटमैन के 19 वर्षीय बेटे का शव शुक्रवार सुबह छत की कुंडे से गमछे के सहारे लटकती हुई मिली। रात्रि ड्यूटी पूरी कर सुबह घर लौटे पिता ने बेटे का शव फांसी के फंदे पर लटकता देखा तो सदमे में आ गया। मौके पर पहुंची सदर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की जेब से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। एक लाइन के सुसाइड नोट में लिखा था कि यह कदम उठाने के लिए पापा हमें माफ करिएगा।
उसका थानाक्षेत्र के महुआ गांव निवासी श्यामदेव रेलवे में गेटमैन के पद पर कार्यरत हैं। मौजूदा समय में वह नौगढ़ रेलवे स्टेशन पर है। उनको रेलवे कॉलोनी में आवास मिला है। श्यामदेव के साथ संस्कृत विद्यालय में कक्षा दसवीं का छात्र बेटा दयानिधि (19) भी रहता था। श्यामदेव की ड्यूटी सिंहेवरी मंदिर के रेलवे फाटक पर है। बताया जा रहा है कि बृहस्पतिवार की रात में उनकी ड्यूटी थी। वे ड्यूटी पर चल गए थे। दयानिधि कमरे में अकेला था। सुबह लगभग सात बजे जब वे लौटे कमरे में छत के कुंडे में गमछे के सहारे बेटे दयानिधि की लाश लटक रही थी। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी परिजनों को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाया। तलाशी में पैंट की जेब से सुसाइड नोट मिला है। सुसाइड नोट में यही लिखा है कि ‘यह कदम उठाने के लिए पापा हमें माफ कर दीजिएगा’। सुसाइड नोट में राइटिंग दयानिधि की ही है पुलिस इसकी जांच कराएगी। पुलिस ने पंचनामा करके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसओ सदर राजेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर गई थी।
डेढ़ माह पूर्व आया था नौगढ़
दयानिधि नौगढ़ डेढ़ माह पूर्व ही रहने के लिए गांव से आया हुआ था। यहां वह पिता और छोटे भाई के साथ रह रहा था। गेहूं की कटाई में परिजनों की मदद करने के लिए छोटा भाई पांच दिन पहले ही गांव गया था। इसके बाद से रेलवे कॉलोनी स्थित आवास पर दयानिधि और पिता ही रह रहे थे।