सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं के रहने के लिए हॉस्टल फुल हो गया है। जबकि नए हॉस्टल बनाने की प्रक्रिया फाइल में ही रह गई। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं को बाहर रूम लेकर रहना पड़ेगा। जिससे उन्हें परेशानी होगी।
मेडिकल कॉलेज में 300 छात्र-छात्रा पढ़ाई करते हैं। जिनको रहने के लिए 150 कमरों का ब्वायज व गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण कराया गया है। प्रत्येक कमरे में दो-दो छात्रों के रहने की सुविधा है। जबकि सितंबर माह में फिर एक नया बैच आ जाएगा। लेकिन नए हॉस्टल बनाने की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से नए बैच के छात्र-छात्राओं का परेशानी होगी। हॉस्टल में रहने के लिए एक छात्र को 4800 रुपये और मेस के लिए 3700 रुपये प्रति माह शुल्क देना पड़ता है।
कमरे में छात्रों को रहने के लिए दो बेड, दो कुर्सी, दो मेज, दो गद्दा दिया जाता है। वहीं छात्र-छात्राओं को बाहर रूम लेने पर तमाम दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज के आसपास प्राइवेट रूम की व्यवस्था नहीं है। शहर में एक रूम लेने के लिए चार से पांच हजार रुपये किराया देना पड़ेगा। प्रतिदिन कॉलेज आने के लिए ऑटो व ई-रिक्शा का सहारा लेना पड़ेगा। जिससे प्रतिदिन आने-जाने के लिए 50 से 60 रुपये किराया लगेगा।
प्रतिवर्ष 100 छात्रों का होता है प्रवेश
मेडिकल कॉलेज में 100 छात्र-छात्राओं का प्रवेश होता है। जबकि मेडिकल कॉलेज में 60 कमरा छात्राओं के लिए व 90 कमरा छात्रों के लिए बनाया गया है। जिससे तीन बैच का प्रवेश हो जाने से हॉस्टल के सभी कमरे फुल हो गए है। सात माह बाद नए बैच का प्रवेश शुरू हो जाएगा। लेकिन अभी तक नए हॉस्टल की प्रक्रिया शुरू नहीं होने से क्लासेज शुरू होने तक हॉस्टल निमार्ण होना संभव नहीं है। जिससे लगभग एक बैच के छात्रों को शहर में रूम लेकर रहना पड़ेगा।
हॉस्टल बनाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। जल्द ही हॉस्टल का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
-डॉ. एके झा, प्रभारी प्राचार्य मेडिकल कॉलेज