नेपाल की खुली सीमा के रास्ते राष्ट्र विरोधी गतिविधियों की बढ़ने की खबर से खुफिया विभाग के कान खड़े हो गए हैं। केंद्र ने कार्रवाई करने के लिए संबंधित जिलों के डीएम को निर्देशित किया है।
विशेष निगाहें कम समय में अकूत संपत्ति के मालिक बने संदिग्ध चेहरों पर टिकेंगी। इनके कारोबार का लेखाजोखा तैयार करने को कहा गया है।डीएम की निगरानी में सीमा की गतिविधियों की रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी।
खुफिया विभाग रोजाना रिपोर्ट भी देगा। इसको संज्ञान में लेते हुए डीएम की अध्यक्षता में सोमवार को विकास भवन सभागार में बैठक की गई।
सीमा पर निगरानी व कार्रवाई की रूपरेखा भी तैयार की गई। पुलिस, एसएसबी के साथ गुप्तचर व तहसील स्तर के अधिकारी मौजूद रहे।
डीएम ने कहा कि खुफिया रिपोर्ट को संज्ञान में लेते हुए केंद्र ने शासन व प्रशासन को निर्देशित किया कि सीमा पर स्थित जिलों में राष्ट्र विरोधी तत्व सक्रिय हो सकते हैं।
गणतंत्र दिवस के अवसर पर सुरक्षा एजेंसियों की व्यस्तता का फायदा उठाने की फिराक में रहने की संभावना है। ऐसे में इनकी गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए मित्र देश के बॉर्डर पर अति सक्रियता की आवश्यकता है।
निर्देश में कहा है कि पड़ोसी देश नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता को भी ध्यान रखा जाए। बॉर्डर पार बन रहे धार्मिक स्थल व शिक्षण संस्थानों की जांच करने के साथ धन की उपलब्धता किस मद से हुई, इसकी जांच कराना देशहित में होगा।
सीमा पर कुछ ही समय में अकूत संपत्ति के मालिक बने ऐसे चेहरों की पड़ताल करने का निर्देश जारी किया गया है। इनकी जांच करने में संबंधित तहसील के एसडीएम के साथ स्थानीय अभिसूचना विभाग काम करेगा।
जाली करेंसी धंधे से जुड़े लोगों की लोकेशन व क्या कर रहे हैं, इसकी जानकारी भी पुलिस के साथ खुफिया विभाग के पास होने की बात कही गई है।
ऐसे भी लोगों की पहचान करने को कहा गया है, जो अक्सर सीमा पार करते हैं। एसपी अजय कुमार साहनी ने पुलिस को निर्देशित करते हुए कहा कि पूर्व में बनाई गई रिपोर्ट के आधार पर नवधनाढ्य की जांच करके रिपोर्ट भेजें।
बैठक में एसडीएम सदर राजितराम प्रजापति, बांसी योगानंद पांडेय, शोहरतगढ़ सुरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे। डीएम डॉ. सुरेंद्र कुमार ने कहा कि केंद्र के निर्देश पर आईएसआई की गतिविधियों के संबंध में समीक्षा बैठक की गई।
इसमें अचानक से धनाढ्य हुए लोगों का ब्योरा जुटाने, उनकी गतिविधियों पर निगरानी और विवरण जुटाने को कहा गया है। जिला प्रशासन सुरक्षा को लेकर पूरी तरह चौकस है। सीमा पर सुरक्षा एजेंसियां चौकस है।