सिद्धार्थ विवि में मंथन करेंगे इतिहासकार
दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल होंगे 300 प्रतिनिधि
संवाद न्यूज एजेंसी
कपिलवस्तु। सिद्धार्थ विवि में शनिवार से दो दिन तक देश के युवा इतिहासकार ‘भारतीय इतिहास लेखन परंपरा : नवीन परिप्रेक्ष्य’ पर मंथन करेंगे। राष्ट्रीय संगोष्ठी में संपूर्ण भारतवर्ष से 300 प्रतिनिधि आएंगे। माधव संस्कृत न्यास नई दिल्ली और सिद्धार्थ विवि की ओर से में राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। मंथन शिविर का उद्घाटन संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल करेंगे। इस दौरान महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के कुलपति रजनीश शुक्ल, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी, भारतीय इतिहास संकलन योजना के संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पांडे भी उपस्थित रहेंगे। दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में इतिहास लेखन के विभिन्न आयामों पर चर्चा करेंगे। समापन कार्यक्रम 21 मार्च को होगा, जिसमें माधव न्यास के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. देवीप्रसाद सिंह शामिल होंगे। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. सच्चिदानंद चौबे एवं सहसंयोजक डॉ. अनीता यादव ने संगोष्ठी की जानकारी दी।
विभिन्न पक्षों पर होगा मंथन
चौरीचौरा की क्रांति, स्वाधीनता के 75वर्ष, भारतीय प्रतिरोध का इतिहास, भारतीय कृषि और कृषक आधारित आर्थिक चिंतन का इतिहास, चौरीचौरा शताब्दी वर्ष आजादी का अमृत महोत्सव, जनपदीय क्षेत्रीय इतिहास लेखन, जनजाति इतिहास लेखन, अंतर्गत इतिहास लेखन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर परिचर्चा की जाएंगी।
उच्च शिक्षा सुधार के अध्यक्ष बनें कुलपति
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश शासन ने सिद्धार्थ विवि के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे को उच्च शिक्षण संस्थानों में सुधार के लिए गठित समूह का अध्यक्ष बनाया है। इसके अतिरिक्त चार अन्य समूह भी गठित किए गए हैं, जिसमें विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति को अध्यक्ष नामित किया गया है। कुलसचिव राकेश कुमार, अजय सोनकर, दीनानाथ यादव, शेख अंजुम, प्रो. हरीश शर्मा, डॉ सुरेश नारायण सिंह, प्रो. सुशील तिवारी, दीपक बाबू आदि शिक्षकों और कर्मचारियों ने बधाई दी है। संवाद