सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग अब हेपेटाइटिस-बी व सी के मरीजों को आरटीपीसीआर जांच करके पुष्टि करेंगे। उसके बाद मरीजों का मेडिसिन वार्ड में भर्ती करके इलाज किया जाएगा। मरीजों की सुविधा को लेकर प्राचार्य ने सीएमओ को पत्र लिखा है।
राष्ट्रीय वायरल हेपेटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत एलिसा, रैपिड विधि से स्क्रीनिंग टेस्ट में जो हेपेटाइटिस-बी और सी के लिए पॉजिटिव आएगा उसकी पुष्टि माइक्रोबायोलॉजी विभाग में आरटीपीसीआर द्वारा की जाएगी। उसके बाद पुष्टि किए गए मरीज को मेडिकल कॉलेज के जनरल मेडिसिन विभाग द्वारा उपचार दिया जाएगा। सभी पीएचसी और उपकेंद्र पर एलिसा, रैपिड द्वारा स्क्रीनिंग टेस्ट में पॉजिटिव आए सभी मरीजों का पॉजिटिव नमूना भेजने के लिए प्राचार्य द्वारा सीएमओ को पत्र भेजा गया है। मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव दुबे को उपचार केंद्र के लिए नोडल नामित किया गया है। वहीं डॉ. शगुफ्ता खातून को निदान के लिए नोडल नामित किया गया है।