-तापमान बढ़ने से कम हो गई है हवा में नमी, आंख पर पड़ रहा असर
-बाइक चलाने वालों को सबसे अधिक समस्या, लाल भी हो रहीं आंखें
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। तेजी से बढ़ती गर्मी ने सेहत के लिए कई सारी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। अधिकतम तापमान में अधिक समय तक रहने के कारण हीट स्ट्रोक का तो जोखिम रहता ही है। साथ ही आंख में भी ड्रायनेस की समस्या हो रही है। इससे आंख में धुंधलापन छाने के साथ ही लाल भी हो रही है। ऐसे में चिकित्सक मरीजों को धूप में कम निकलने, आंखों के बचाव के उपाय के साथ पानी का अधिक सेवन करने का सलाह दे रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में वर्तमान में आंख के मरीजों में इजाफा हुआ है। इसमें से कई मरीज आंख सूखने व धुंधलापन छाने के आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग की ओपीडी में इस तरह के 15 से 20 मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। जिन्हें ऐसी समस्या हो रही है।
डॉ. संजय गुप्ता ने बताया कि अधिक गर्मी और शुष्क हवा आंखों के लिए नुकसानदायक है। मेडिकल कॉलेज में इन दिनों आंखों में लालिमा, दर्द, जलन और ड्रायनेस के मरीज आ रहे हैं। गर्मी के दौरान न केवल त्वचा बल्कि आंखों को भी यूवी किरणों से बचाने की जरूरत होती है। थोड़ी सी असावधानी के कारण आंख में लालिमा, खुजली, जलन जैसी दिक्कत हो रही है।
उन्होंने बताया कि ड्रायनेस के कारण आंखों में कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं। गर्मी में धूप के कारण आंखों में चुभन, जलन या खुजली होने लगती है। इसके अलावा कुछ लोगों को प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता का भी खतरा होता है। ऐसे में इससे बचना जरूरी है। उन्होंने बताया कि तेज धूप में निकलने से पहले चश्मे का प्रयोग करना जरूरी है।
-
इस तरह करें पहचान
-आंखों का लाल रहना
-आंखों में कुछ होने का अहसास
-रात में गाड़ी चलाने में दिक्कत
-आंखों से अक्सर पानी आना, आंखों में जलन बने रहना
-धुंधला दिखाई देना या आंखों में अक्सर थकावट का अहसास होते रहना