गंदगी के बीच रहने को मजबूर हैं स्वास्थ्यकर्मी, संक्रमण का खतरा
सिद्धार्थनगर। संक्रमण से बचाने वाले स्वास्थ्यकर्मी खुद संक्रमण के बीच गुजर-बसर करने को विवश हैं। जलभराव और नालियों में ठहरे पानी से उठने वाले दुर्गंध से परेशान हैं। मगर उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। यह एक दो नहीं बल्कि जिला अस्पताल के पीछे आवास में रहने वाले सैकड़ों स्वास्थ्यकर्मी और उनके परिजनों का हाल है। नगर पंचायत में शामिल मुड़िला गांव के गड्ढे में गिरने वाला नाली का पानी रोक दिया गया है। इसके बाद समस्या और बढ़ गई है। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी कई बार आवाज उठा चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं।
जिला अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक और स्वास्थ्य कर्मियों व उनके परिवार के रहने के लिए अस्पताल कैंपस के पीछे आवासीय कालोनी हुआ है। इसमें करीब 100 स्वास्थ्यकर्मी अपने परिवार के साथ रहते हैं। सभी स्वास्थ्यकर्मी परिवार के साथ निवास करते हैं। आवास बनते समय यह मुड़िला गांव में था। आवास से जल निकासी के लिए नाली आवास से निकलकर मुड़िला गांव के एक गड्ढे में गिराई जाती थी। मगर दो वर्ष पूर्व मुड़िला गांव नगर पालिका सिद्धार्थनगर में शामिल हो गया। कुछ माह पूर्व गांव के लोगों ने नाली का पानी बंद कर दिया। इसके बाद आवास से निकलने वाला पानी आवास के आसपास और सड़क पर पसरा रहता है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय गुप्ता ने कहा कि जल निकासी की समस्या हो गई है। घरों से निकलने वाला पानी सड़क और आवास के आसपास पसरा हुआ है जिससे आने-जाने में कठिनाई हो रही है। साथ ही संक्रमण का भी खतरा है। स्वास्थ्यकर्मी शमसुल हक खान ने कहा कि आवास से निकलने वाला पानी मुड़िला गांव के पास गड्ढे में गिरता था। पर नगर पालिका में गांव शामिल होने के बाद उसे बंद कर दिया गया। अब यह पानी आवास और आसपास फैला हुआ है जिससे दुर्गंध उठता है। संक्रामक रोग फैलने का खतरा बना हुआ है। यह बड़ी समस्या है पर कोई सुन नहीं रहा है। स्वास्थ्यकर्मी राजेंद्र मिश्र और सुग्रीव चौधरी ने कहा कि गंदे पानी से होकर आना-जाना पड़ रहा है। गंदे पानी से उठता दुर्गंध परेशानी का कारण बन चुका है। कोई ध्यान नहीं दे रहा है। अगर यही हाल रहा तो परिवार के साथ खुद बीमार हो सकते हैं।
बोले जिम्मेदार
आवास में जल निकासी की समस्या है। इसके बारे में हमें जानकारी नहीं है। पता करवाते हैं, समस्या का समाधान कराया जाएगा।
-डॉ. सलिल श्रीवास्तव, प्राचार्य माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज, सिद्धार्थनगर
स्वास्थ्य कर्मियों के आवास में जल निकासी की समस्या के बारे में जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो उसे पता करवा रहे हैं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-विकास कश्यप, एसडीएम सदर व प्रभारी ईओ नगर पालिका परिषद, सिद्धार्थनगर