संवाद न्यूज एजेंसी
भनवापुर। ग्रामीण क्षेत्र में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार के द्वारा आयुष्मान जन आरोग्य मंदिर का निर्माण कराया गया है। इसमें सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को तैनात किया गया है, जहां लोगों को आपात स्थिति व सामान्य बीमारियों का इलाज करना होता है।
हर माह इन सीएचओ को चार से सात सौ ओपीडी करना होता है, मगर डुमरियागंज व भनवापुर, खुनियांव ब्लाॅकों में कुछ आयुष्मान आरोग्य मंदिर का आज तक ताला नहीं खुला, और तैनात सीएचओ नियुक्ति के बाद से गायब हो गए।
इतना ही नहीं रखरखाव व देखरेख के अभाव में भवन भी जर्जर हो रहे हैं। इससे आने वाले मरीजों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। डुमरियागंज क्षेत्र के आयुष्मान आरोग्य मंदिर उपकेंद्र महुआरा एक साल से बंद है।
गांव के राम संवारे ने बताया कि एक साल से केंद्र बंद है। यहां स्वास्थ्य सेवा बेकार है। वहीं, अब्दुल्लाह ने बताया कि अब गांव की महिलाओं को बेवां सीएचसी जाना पड़ता है। पहले जब सीएचओ आती थीं, तब लोगों को आसानी थी।
चौंकानिया गांव में उपकेंद्र बना तो है, मगर अभी तक संचालित नहीं हुआ। उपकेंद्र बन तो गया, मगर उसमें अभी तक खिड़की दरवाजा नहीं लग सका है। गांव के अब्दुल रहीम का कहना है कि बहुत समय बीत गया है, गांव में सीएचओ नहीं आई है।
एएनएम गांव में हफ्ते में दो बार आती है। शिव कुमार ने बताया कि गांव में उपकेंद्र न होने से एएनएम गांव में लोगो के घर पर सेंटर चलाती है। हफ्ते में दो दिन एएनएम आती है, सीएचओ को हम लोगों ने नहीं देखा है।
भानपुररानी में बना आयुष्मान आरोग्य मंदिर का भी वही हाल है,केंद्र बनने के बाद से ताला नहीं खुला। गांव के मनोज वर्मा, मिशन ने बताया कि करीब एक साल पहले इस जन आरोग्य मंदिर का ताला नहीं खुला और न ही किसी स्वास्थ्य कर्मी को आज तक देखा गया है।
इसी तरह भनवापुर क्षेत्र के धनोहरी में करीब तीन साल पहले आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निर्माण कराया गया था।गांवक्षके ताज मोहम्मद, पुजारी, शिव कुमार गुप्ता, सहज राम, शुभ केवल भारती, जगराम आदि ने बताया कि अभी तक इसका ताला नहीं खुला और ना ही कभी सीएचओ आयी है। जरूरत पड़ने पर लोगों को सीएचसी सिरसिया का सहारा लेना पड़ता है।