जर्जर अस्पतालों का कायाकल्प करेगी सरकार
बोले स्वास्थ्य मंत्री, कार्ययोजना के लिए सभी सीएमओ को दिए निर्देश
क्रियाशील होंगे निष्क्रिय उपकरण, मानव संसाधन की कमी पर भी ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। प्रदेश की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए सरकार कृत संकल्पित है। सभी जर्जर सरकारी अस्पतालों को कायाकल्प करने के साथ ही मानव संसाधन की रिक्तियों को भरने के लिए ठोस निर्णय लिया है। इसके लिए सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों व मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को कार्ययोजना भेजने के लिए निर्देश दिए गए हैं। इसकी शुरुआत गृह जनपद में सीएमओ के साथ बैठक से की है। उपरोक्त बातें प्रदेश के चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने कहीं। वह गुरुवार को मुख्यालय पर अमर उजाला से वार्ता कर रहे थे।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सूबे में आमजन को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए बड़े पैमाने पर अस्पतालों का निर्माण कराया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों में उपकरणों की उपलब्धता भी कराई गई है, पर जर्जर भवनों के साथ उपकरणों के क्रियाशील न होने से मरीजों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा मानव संसाधन की भी घोर कमी आड़े आ रही है। ऐसे में योगी सरकार ने जर्जर व जीर्ण-शीर्ण स्वास्थ्य भवनों की मरम्मत कराने के साथ ही उपलब्ध निष्क्रिय उपकरणों को क्रियाशील करने के लिए विशेष योजना बनाई गई है। मानव संसाधन को पूरा करने के लिए भी रिक्त पदों का ब्योरा एकत्र किया जा रहा है। कार्ययोजना तैयार करने के लिए सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए गए हैं। इस निर्णय की शुरुआत गृह जनपद में गुरुवार को सीएमओ कार्यालय में मुख्य चिकित्साधिकारी व उनके अधीन चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक से की गई है। कार्ययोजना मिलने के बाद आवश्यकतानुसार बजट का आवंटन किया जाएगा।
बांसी पीएचसी भवन के ध्वस्तीकरण के निर्देश
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने गृह क्षेत्र स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बांसी के भवन का ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए, जिससे 50 बेड वाले उच्चीकृत अस्पताल के निर्माण में तेजी आ सके। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खेसरहा में जर्जर भवनों को ध्वस्त कराने के साथ ही नवीन स्वास्थ्य केंद्र लटेरा के शीघ्र संचालन की हिदायत दी।
ठेकेदारों के दबाव में कार्य न करें
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह ने नवागत सीएमओ डॉ. सीमा राय को ठेकेदारों के दबाव में कोई कार्य न करने की सख्त हिदायत दी। बाधा उत्पन्न करने की आशंका पर सीधे संवाद करने के निर्देश दिए। बताते चलें कि पूर्व सीएमओ डॉ. आरके मिश्र ने ठेकेदारों के गलत दखलअंदाजी को लेकर काफी लिखा-पढ़ी की थी और उनके प्रार्थना पत्र पर सुरक्षा कर्मी भी मुहैया कराया गया था। मौजूदा सीएमओ को भी सुरक्षा कर्मी मिला हुआ है।
एसीएमओ व डिप्टी सीएमओ की डिमांड
स्वास्थ्य मंत्री से मुख्य चिकित्साधिकारी ने जनपद में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी के सभी पद एवं डिप्टी सीएमओ के चार में तीन पद के खाली होने का हवाला देते हुए तैनात किए जाने का अनुरोध किया। मंत्री ने लखनऊ पहुंचकर उच्चाधिकारियों से वार्ता कर सकारात्मक कदम उठाए जाने का आश्वासन दिया।