संवाद न्यूज एजेंसी
शोहरतगढ़। चिल्हिया थाना क्षेत्र के बर्डपुर नंबर-13 टोला बसावनपुर गांव से लगभग 600 मीटर की दूरी पर मोतीपुर गांव के एक बगीचे में बुधवार को एक युवक का पेड़ से संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका शव मिला था। इस मामले को पुलिस ने पत्नी की तहरीर पर पांच लोगों के विरुद्ध हत्या दर्ज किया था।
पुलिस ने इस मामले में खुलासा कर चार आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। हत्या का कारण रास्ते का विवाद ही है। चिल्हिया थाना एसओ राम देव ने बताया कि बीते बुधवार की सुबह गांव के कुछ लोगों ने बताया कि बसावनपुर निवासी रामविलास की मोतीपुर गांव के पास एक बगीचे में एक पेड़ के फंदे से लाश लटक रही है। मौके पर पहुंचकर देखा तो घटना संदिग्ध लग रही थी। शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। गले में गहरे काले रंग के निशान थे। जिसकी बारीकियां से जांच की जा रही थी। उसके बाद उसकी पत्नी की तहरीर पर पांच लोगों पर हत्या का केस दर्ज कर पुलिस उनकी तलाश कर रही थी।
शनिवार को सूचना मिली कि चार आरोपी क्षेत्र के जीतपुर पानी टंकी के पास मौजूद हैं, और नेपाल भगाने की फिराक में हैं। मौके पर पुलिस पहुंची और चारों को घेराबंदी कर पकड़ लिया गया। पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी राम शुभग से पूछताछ की कि इस हत्या के पीछे क्या कारण है। क्यों रामविलास की हत्या कर पेड़ से लटका दिया।
राम शुभग ने बताया कि मेरे और रामविलास के बीच रास्ते को लेकर डेढ़ साल से विवाद चल रहा था। इसको लेकर आए दिन बवाल हो जाता था, जिससे तंग आ गया था। 20 दिन पहले रामविलास मुंबई से आया था। सोमवार को मिट्टी गिरा रहा था। उसी दौरान रामविलास आया और कहा कि रास्ता छोड़कर मिट्टी गिराना। इधर से मेरा आने-जाने का रास्ता है। उस दौरान झगड़ा हो गया। कुछ लोगों के बीच बचाव से झगड़ा शांत हो गया। मंगलवार शाम को रामविलास मधुबनिया चौराहे पर गया था। देर रात घर लौट रहा था। मैं रास्ते में साथी हरिकिशुन निषाद, शिवालाल उर्फ गुल्ले और अख्तर के साथ खड़े थे। इस दौरान उने रोककर मारपीटा गया। उसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी।
उसके बाद उसे ले जाकर मोतीपुर गांव के बगीचे में एक पेड़ से रस्सी का फंदा लगाकर लटका दिया। हम लोगों को जानकारी थी कि रामविलास को कोई बच्चा नहीं है। इसी बात को लेकर हत्या कर पेड़ से लटका दिया। ताकि लोगों को लगे कि इसने आत्महत्या कर ली है।