संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के गड़ावर में उर्वरक लाइसेंसी द्वारा दुकान से अलग हटकर बनाए गोदाम में खाद डंप कर लिया जाता था, जिसे बाद में डिमांड बढ़ने पर महंगे दाम पर खाद की बिक्री कर मोटा मुनाफा कमाया जाता था।
अब जबकि तहसील प्रशासन एवं कृषि विभाग की छापा मारी में दुकान एवं अवैध गोदाम से भारी मात्रा में खाद बरामद हुई है तो खाद डंप करने वालों में हड़कंप मच गया है। डीएम डॉ. राजागणपति आर. के निर्देश पर मामले में पुलिस ने केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।
डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के गड़ावर में फुटकर उर्वरक विक्रेता रामानंद तिवारी द्वारा दुकान से अलग गोदाम बनाकर खाद के अवैध भंडारण का खुलासा हुआ है। ऐसा सिर्फ एक मामला नहीं है, जांच हो तो अन्य कई दुकानदारों पर शिकंजा कसा जा सकता है। इस कारण किसानों को खाद की किल्लत से जूझना पड़ता है। ऐसा नहीं है कि इतने बड़े पैमाने पर खाद डंपिंग का मामला विभागीय अधिकारियों के संज्ञान में नहीं रहा होगा। वैसे तो यह कार्रवाई तहसील स्तरीय अधिकारियों की सक्रियता से हुई है। इसमें बाद में विभागीय अधिकारियों को शामिल किया गया है।
अब विभागीय अधिकारियों पर खाद डंप करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। जानकारों की मानें तो जिले में ऐसे कई फुटकर और थोक उर्वरक विक्रेता है जो विभाग से आवंटित खाद डंप कर बाद में किसानों से महंगी कीमत वसूलते हैं, जिससे होने वाली कमाई में स्थानीय विभागीय अधिकारियों से लगायत अन्य लोगों के हिस्से भी निर्धारित रहते है।
त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र के गड़ावर में तहसील प्रशासन की ओर से एक सूचना पर अवैध गोदाम पर छापामार कार्रवाई संभव हो सकी है। हालांकि पुलिस मामले में केस दर्जकर छानबीन में जुटी है। एसडीएम डुमरियागंज राजेश कुमार ने कहा कि डीएम के निर्देश पर खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कालाबाजारी करने वालों के विरुद्ध जांचकर कार्रवाई की जा रही है।