योगी सरकार के आने से कितनी बदली कपिलवस्तु की तस्वीर?
यूपी का सिद्धार्थनगर जिला यहां बसा है कपिलवस्तु, जिसका जिक्र आपने इतिहास की किताबों में जरूर पढ़ा होगा। एक ऐसा स्थान जो इतिहास, आस्था और अध्यात्म का संगम माना जाता है। यह जगह न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए गहरी श्रद्धा और विश्वास का केंद्र है। गौतम बुद्ध के जीवन से इसका सीधा संबंध इसकी महत्ता को और भी विशेष बना देता है। इतिहासकारों की मानें तो कपिलवस्तु प्राचीन कार में शाक्य गणराज्य की राजधानी हुआ करता था। यहीं पर राजा शुद्धोदन का शासन हुआ करता था। जो सिद्धार्थ गौतम के पिता थे। इसी भूमि पर युवराज सिद्धार्थ ने अपना बचपन और युवा अवस्था बिताई। राजमहल की सुख सुविधाओं में पले बड़े सिद्धार्थ ने यहीं जीवन के विभिन्न आयामों को समझा। आज वर्तमान में कपिलवस्तु के स्वरूप में बदलाव साफ तौर पर नजर आता है। यूपी की योगी सरकार ने बौद्ध सर्किट के विकास पर विशेष फोकस किया है।
योगी सरकार के आने से सिद्धार्थनगर के किसानों को कितना फायद?
उतर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में किसान काला नमक उगाते हैं। किसान इसे काला सोना भी कहते हैं। ओडीओपी में आने के बाद यह ओडीपी यानी वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना जो राज्य सरकार की योजना है। इसकी सेल बढ़ी है। स्थानीय किसान प्रमोद कुमार मिश्रा ने कहा कि यूपी में जब से योगी जी महाराज जी जब से काला नमक का वो लगवाए यहां प्रदर्शनी, तब से बहुत ज्यादा डिमांड हो गई है। अब इसका भाव बहुत ज्यादा है। अब तो इस समय मिल ही नहीं रहा है। सब बिक जा रहा है। दूसरे स्थानीय किसान ने कहा कि महाराज जी हैं तो पूरा पहचान है काला नमक। पूरा सिद्धार्थ नगर में महाराज जी का पूरा जलवा है। किसान के लिए भी फायदा है।
सिद्धार्थनगर कैसे बना एजुकेशन हब?
अमर उजाला की टीम सिद्धार्थनगर में सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी पहुंची। यहां कैसे बदलाव आ रहा है। कैसे विकास हो रहा है। जहां प्रोफेसर और छात्रों से बात की गई। प्रोफेसर दीपक बाबू मिश्रा ने कहा कि मैं इस विश्वविद्यालय में बीते 10 साल से कार्यकत हूं। 2016 में यहां आया था। यहां बीते 10 साल में इंफ्रास्ट्रक्चर डेबलपमेंट काफी ज्यादा हुआ है। इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यहां पर मेडिकल कॉलेज भी है। यहां पर मेडिकल कॉलेज यहां के स्थानीय लोगों के लिए, आस पास के लोगों के लिए, इसके अलावा नेपाल के 50 किलोमीटर तक के दायरे के लोगों को भी सुविधा मिल रही है। सीएम योगी ने इसे जनपद के रूप में चुना था। बेहतर इलाज कम पैसों में होता है। सीएम योगी के आने के बाद से दिमागी बुखार जैसी बीमारी को लेकर ज्यादा काम हुआ। अब किसी अखबार में नहीं आता है कि यहां दिमागी बुखार से एक दो बच्चों की मौत हो गई। छात्रों ने बताया कि यहां पर यूनिवर्सिटी होने से कई फायदें हो रहे हैं।
चिकित्सा के क्षेत्र में क्या आया बदलाव?
एक फैक्लटी ने बताया कि यहां कॉलेज को पांच साल होने वाले हैं। हर बैच मिला है। बहुत ज्यादा इस जिले में मेडिकल सुविधाएं कम थी। लेकिन मेडिकल कॉलेज आने से जो मेडिकल सुविधाएं जो बढ़ीं हैं। साथ ही साथ यहां छात्र भी बढ़ें हैं। आस-पास के इलाके भी ज्यादा समृद्ध हुए हैं। इससे यहां लोगों को काफी सुविधा मिली है। स्थानीय और आसपास के लोगों के लिए सुविधाएं काफी बढ़ी हैं। हर जिले में मेडिकल कॉलेज जो राज्य और केंद्र सरकार की योजना बहुत अच्छी है। इससे लोकल स्तर पर ही सभी सुविधाएं लोगों को मिल जाती हैं। लोकल फॉर वोकल के स्लोग के हिसाब से ठीक है।