शहर के इंद्रा नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में उपस्थित श्रद्धालु।
सिद्धार्थनगर। शहर के इंदिरा नगर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के तीसरे दिन कथा वाचक डाॅ. स्वामी धराचर्य ने ब्रह्माजी द्वारा सृष्टि के विस्तार मनु व शतरूपा के भाव एवं 12 अवतार के कथा का वर्णन किया।
कहा कि बिना गुरु के ज्ञान नहीं मिलता है। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में गुरू का महत्व सबसे अधिक होता है। इस दौरान उन्होंने विभिन्न तरीकों से अपने छोटे-छोटे बच्चों में भक्ति प्रवाह करने का गुर भी अभिभावकों को बताया। इस दौरान जगन्नाथ प्रसाद, संतोष कश्यप, अखंड प्रताप सिंह, पीपी मिश्रा, आशीष कश्यप, राकेश सिंह, शैलेन्द्र कुमार राय, ज्योति, सुमन, पुष्पा सिंह, तेजस, अभिनव, नूपुर, प्रियांशी, संस्कृति, तनिष्का, सोनाली, रीता, रूपा, शशिकांत उपस्थित रहे। संवाद