िसद्धार्थनगर में तहफ्फूज-ए- मिल्लत कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता।
- फोटो : अमर उजाला
सिद्धार्थनगर। तहफ्फूज-ए-मिल्लत जिला इकाई ने शनिवार को मुख्यालय स्थित बेलसड़ मोहल्ले में सभा का आयोजन किया। तीन तलाक व धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के मुद्दे पर केंद्र व प्रदेश सरकार को घेरा। नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार द्वेषपूर्ण ढंग से काम कर रही है। उन्होंने तीन तलाक बिल को वापस लेने की मांग की। छह सूत्री मांगों का ज्ञापन सदर तहसीलदार को सौंपा।
सभा में बिहार के पूर्व सांसद आस मोहम्मद ने कहा कि संसद में पेश तीन तलाक बिल को वापस लिया जाए। यह न तो धर्म सम्मत और न ही विधि सम्मत है। सरकार इसे जबरन थोप रही है। इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संसद में बिल पास नहीं कराना चाहिए। कहा कि लाउडस्पीकर पर पांचों वक्त का नमाज पढ़ने की अनुमति मिलनी चाहिए। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन के नाम पर जगह-जगह अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों का उत्पीड़न हो रहा है। मदरसों में राष्ट्र भक्ति से संबंधित पाठ्य क्रम को अनिवार्य किया जाए। इस वर्ग के युवाओं को आतंकी कहने से सरकार बाज आए। केंद्र व प्रदेश सरकार की ओर से मिलने वाले अनुदान पर रोक नहीं लगाई जाए। जलसे का संचालन तहफ्फूज-ए-मिल्लत के संरक्षक अली अहमद ने किया। इस दौरान सलमान नदवी, गुलाम अली आजाद, फरीद अहमद और सुहेल अहमद आदि मौजूद थे।