शाहपुर। पुरानी बाजार में आयोजित श्री रामलीला कार्यक्रम के आठवें दिन शनिवार रात कलाकारों ने मेघनाथ वध से लेकर रावण वध का मंचन किया। रावण वध होते ही देवताओं ने फूलों की वर्षा की। रावण वध होते ही पंडाल में दर्शक जय श्रीराम के जयकारे लगाने लगे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
मंचन में मेघनाथ के वध होने से रावण चिंतित हो जाता है। उसे कुछ दिखाई नहीं पड़ता है। वह पाताल लोक से मंत्रों के द्वारा अहिरावण को बुलाता है। तथा श्रीराम व लक्ष्मण को ले जाकर देवी को बलि देने के लिए कहता है। अहिरावण विभीषण का रूप रखकर राम दल में आता है और अपने माया से सबको अचेत कर देता है। श्रीराम व लक्ष्मण को लेकर पाताल चला जाता है। इधर राम दल में जब सब होश में आते हैं तो श्रीराम व लक्ष्मण को देखते हैं। लेकिन वह नहीं रहते हैं। सब लोग चिंतित हो जाते हैं। तब विभीषण बताते हैं कि ऐसा लगता है कि पाताल लोक में अहिरावण उन्हें ले गया है। सभी लोग हनुमान की प्रार्थना करते हैं। इसके आगे भी कलाकारों ने लीला का मंचन किया।
इस मौके पर मुकेश अग्रहरि, अशोक, तिलकराम साहनी, संतराम मौर्य, बसंत साहनी, राजकुमार, विशाल, सूरज प्रसाद, विष्णु चौरसिया, डबलू जायसवाल, दिवाकर कसौधन आदि मौजूद रहे।