‘खुलकर परेशानी बताएं बेटियां, पुलिस करेगी मदद’
जोखना देवी इंटर कॉलेज मंझरिया बेलौहा में आयोजित हुई पुलिस की पाठशाला
संवाद न्यूज एजेंसी
खेसरहा। किसी तरह की परेशानी में खुद को अकेला और कमजोर न समझें। बिना किसी भय के अपनी परेशानी बताएं, पुलिस आपकी हरसंभव मदद करेगी। कानून ने बेटियों को तमाम अधिकार दिए हैं। इन्हें हासिल करने के लिए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। संकट की घड़ी में टोल फ्री नंबर पर पुलिस से संपर्क करना चाहिए। ये बातें सीओ बांसी अरुण चंद्र ने अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला कार्यक्रम में कहीं।
सीओ खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र के जोखना देवी इंटर कॉलेज मंझरिया बेलौहा में आयोजित कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि छात्राओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बेटियों को निसंकोच होकर अपनी समस्याएं बतानी चाहिए, ताकि समय रहते समाधान निकाला जा सके। अचानक सामने आई मुश्किल से बचने के लिए छात्रा, युवती या महिला को सरकार की तरफ से 1090, डायल-112 समेत हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करनी चाहिए। इन टोल फ्री नंबर पर फोन करने से तुरंत पुलिस की सहायता मिलती है। बहुत सी महिलाएं अभी भी सामाजिक बदनामी से बचने के लिए अपनी समस्याएं साझा नहीं करतीं, लेकिन इन नंबरों पर फोन करने से पीड़िता की पहचान गोपनीय रखी जाती है। एसओ ब्रह्मा गौंड ने महिला सुरक्षा के साथ-साथ यातायात नियमों की जानकारी दी। बताया कि हेलमेट नहीं पहनने या लापरवाही पूर्वक गाड़ी चलाने पर जुर्माना इसलिए लगाया जाता है कि लोग अपनी सुरक्षा के लिए सतर्क रहें। एसएमआई सीमा यादव ने छात्राओं को आत्मरक्षा के बारे में बताया। कार्यक्रम में छात्रा आकृति पांडेय एवं साक्षी मिश्रा ने नारी सशक्तीकरण पर अंग्रेजी में भाषण दिया। इस दौरान गौरव राय, रामेश्वर उपाध्याय, सुरेंद्रनाथ मिश्र, विनय पांडेय, कृष्ण कुमार मिश्र, बलराम राय आदि लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में अच्छी जानकारियां मिलीं
छात्रा अंकिता राय ने बताया कि कार्यक्रम में महिला सुरक्षा के उपाय के अलावा सड़क सुरक्षा से संबंधित नियमों की जानकारी मिली। इससे वह घरवालों को भी अवगत कराएंगी, जिससे कि वे सतर्कता बरतें। छात्रा आकृति पांडेय ने कहा कि विद्यालय में कानून की जानकारी के लिए कार्यक्रम का आयोजन सराहनीय पहल है। छात्रा साक्षी मिश्रा ने कहा कि पुलिस अधिकारियों से बात करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। पुलिस हमारी मददगार है यह जानकारी लड़कियों, युवतियों को दूंगी, इससे उनमें सुरक्षा का भाव जगेगा। छात्रा शीतल पांडेय ने कहा कि पुलिस की पाठशाला से काफी कुछ नया सीखने को मिला। इस तरह के कार्यक्रम होते रहने चाहिए ताकि छात्राओं को अपने सामाजिक, न्यायिक अधिकार की जानकारी मिलती रहे।