सिद्धार्थनगर। जिले के तीन नगर निकायों के लोगों को जल्द ही रसोई गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है। पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) परियोजना के तहत सिद्धार्थनगर, बांसी और डुमरियागंज में गैस पाइपलाइन बिछाने का काम चल रहा है। पहले चरण में तीनों शहरी क्षेत्रों के 17 हजार उपभोक्ताओं को चिह्नित किया गया है। परियोजना पूरी होने पर एक लाख से अधिक परिवारों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
गोरखपुर से महराजगंज जिले के फरेंदा होते हुए सिद्धार्थनगर तक मुख्य गैस पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। शहर में गैस आपूर्ति से संबंधित केंद्र स्थापित करने के लिए भूमि भी चिह्नित की गई है। मुख्य पाइपलाइन से आगे नगर निकायों के मोहल्लों और घरों तक कनेक्शन पहुंचाने का काम किया जा रहा है। पहले चरण में नगर पालिका सिद्धार्थनगर, बांसी और नगर पंचायत डुमरियागंज को योजना से जोड़ा जा रहा है। इसके बाद अन्य नगर पंचायतों में भी इसका विस्तार किए जाने की उम्मीद है।
पीएनजी कनेक्शन के माध्यम से घरों तक सीधे गैस पहुंचाई जाएगी। इससे उपभोक्ता जरूरत के अनुसार गैस का इस्तेमाल कर सकेंगे। खपत के आधार पर बिल तैयार होगा, जिसका भुगतान बिजली बिल की तरह किया जा सकेगा। परियोजना का काम भारत पेट्रोलियम की ओर से जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग की निगरानी में कराया जा रहा है।
गैस की किल्लत के समय मिलेगी राहत
गैस सिलेंडरों की आपूर्ति प्रभावित होने पर उपभोक्ताओं को एजेंसियों के चक्कर लगाने और लंबी कतारों में लगने की परेशानी होती है। पीएनजी की सुविधा शुरू होने से इससे राहत मिलने की उम्मीद है। पाइपलाइन के माध्यम से घरों तक गैस पहुंचने से सिलेंडर पर निर्भरता भी कम हो सकती है।
पीएनजी कनेक्शन मिलने पर एलपीजी के नियमों का करना होगा पालन
पीएनजी परियोजना से जुड़े लोगों के अनुसार, जिन क्षेत्रों में पाइपलाइन से गैस आपूर्ति शुरू होगी, वहां एलपीजी कनेक्शन के संबंध में लागू सरकारी नियमों का पालन करना होगा। संबंधित उपभोक्ताओं को कनेक्शन सरेंडर करने की प्रक्रिया और अन्य शर्तों की जानकारी संबंधित तेल कंपनी से लेनी चाहिए।
डीएम ने जल्द काम पूरा करने के दिए निर्देश
सिटी गैस नेटवर्क के संबंध में गठित समिति की बैठक में परियोजना की प्रगति और कार्यों में आ रही समस्याओं पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन ने संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्य निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों के दौरान आने वाली समस्याओं का संबंधित विभाग आपसी समन्वय से निस्तारण करें, ताकि परियोजना में अनावश्यक देरी न हो। परियोजना पूरी होने से लोगों को रसोई गैस की आपूर्ति में सुविधा मिलेगी।
कोट
पीएनजी परियोजना के पहले चरण में जिले के तीन नगर निकायों में पाइपलाइन बिछाने सहित अन्य कार्य कराए जा रहे हैं।
-देवेंद्र प्रताप सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी