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Siddharthnagar News: धान खरीद के घाेटालेबाजों पर लगेगा गैंगस्टर, कुर्क होगी संपत्ति

Wed, 18 Sep 2024 12:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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- विवेचना में पकड़े जाएंगे गिरोह के शामिल सभी लोग, ठेकेदार भी आएंगे जद में
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। धान खरीद के बड़े घोटाले के मामले में अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। इस कार्रवाई में बिना धान खरीदे ही बड़ी धनराशि का गबन करने वाले क्रय केंद्र प्रभारियों के साथ परिवहन एवं हैंडलिंग के ठेकेदार भी कार्रवाई की जद में आएंगे। जिसने भी सरकारी धन का गबन किया है, उसकी संपत्ति कुर्क भी की जाएगी। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर ने गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत गिरोह के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों व ठेकेदारों कानून का डंडा चलाने निर्देश दिया है, जबकि पुलिस ने इसमें धारा तरमीम कर दिया है, जिसमें दोष सिद्ध आरोपियों को आजीवन करावास की सजा होनी है।

जिला प्रशासन ने घोटोलेबाजों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला प्रशासन आरोपितों की संपत्ति का ब्योरा जुटा रहा है ताकि गबन किए गए धन को इनकी संपत्ति को जब्त कर वसूला जा सके। वहीं प्रशासन घोटाले में शामिल अन्य के बारे में भी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। जिससे सभी पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
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जिले में वित्तीय वर्ष 2023-24 में धान खरीद में घोटाले के मामले में अमित कुमार चौधरी व भुगतान अधिकारी उमानंद उपाध्याय पर सदर थाने में व चार क्रय केंद्र प्रभारियों पर बांसी, खेसरहा व त्रिलोकपुर थाने में केस दर्ज है।
धान खरीद के मामले में जांच हुई तो 16.55 करोड़ रुपये का गबन पकड़ा गया है, जिसमें प्रशासन की सख्ती से करीब 12 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। इस गबन के केस में बांसी कोतवाली की पुलिस ने दो आरोपियों को दबोच कर न्यायायल भेजा, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।

त्रिलोकपुर थाने में विभाग के संबंधित अधिकारी की ओर से सिद्धार्थ सिंह क्रय केंद्र प्रभारी पीसीएफ केंद्र सिसवा के खिलाफ त्रिलोकपुर थाना में आवश्यक वस्तु अधिनियम, सरकारी धन के गबन का केस दर्ज किया था। इसी प्रकार विभाग की ओर से पंकज यादव पीसीएफ केंद्र लमुईताल खेसरहा में केस दर्ज करवाया गया था। एक पर 58 लाख और एक पर 62 लाख रुपये गबन का केस दर्ज हुआ था।

बांरी में दर्ज हुए मुकदमें में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर 25-25 हजार रुपये का ईनाम भी घोषित था। त्रिलोकपुर और खेसरहा पुलिस अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी करने में विफल नजर आ रही है। जबकि, एक ही दिन दोनों मामलों में 10 अगस्त को केस दर्ज हुए थे। इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी पर ईनाम भी घोषित नहीं है।
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धान खरीद घोटाले की जांच चल रही है। इसमें शामिल लोगों की संपत्ति कुर्क करने का नोटिस दिया गया है। इसमें गैंगेस्टर की कार्रवाई की जा रही है। अब पूरे गिरोह में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राजा गणपति आर, जिलाधिकारी

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