सिद्धार्थनगर। कोविड जैसी संभावित आपात स्थिति में मरीजों को सुरक्षित ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय ने ऑक्सीजन प्लांट को परखा गया। बृहस्पतिवार को परिसर में स्थापित सभी मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट का मॉक ड्रिल के दाैरान और तकनीकी निरीक्षण किया गया।
इस दौरान प्लांटों की कार्यक्षमता, ऑक्सीजन की शुद्धता, प्रेशर और आपूर्ति व्यवस्था का परीक्षण किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक सभी ऑक्सीजन प्लांट निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप पूर्ण क्षमता के साथ संचालित होते पाए गए।
कोरोना काल में मेडिकल कॉलेज परिसर में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया था। इससे अब सीधे बेडों तक ऑक्सीजन की सप्लाई दी जाती है। शासन के निर्देश के अनुसार समय-समय पर ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था की हकीकत देखी जाती है। बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज की टीम ने मॉक ड्रिल के जरिये परिसर में स्थापित 570 लीटर क्षमता के एक, 260 लीटर क्षमता के दो और 100 लीटर क्षमता के एक मेडिकल ऑक्सीजन प्लांट को क्रमवार संचालित कर उनकी तकनीकी क्षमता का परीक्षण किया गया।
विशेषज्ञों ने ऑक्सीजन की प्योरिटी, प्रेशर, गैस फ्लो और अन्य तकनीकी मानकों की गहन जांच की। साथ ही यह भी देखा गया कि अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने या आपातकालीन स्थिति बनने पर ऑक्सीजन आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रह सके। निरीक्षण के दौरान सभी प्लांट संतोषजनक स्थिति में मिले।