: खाद्यान्न की खरीदारी कर बिना भुगतान फरार चल रहे आरोपियों पर इटवा पुलिस ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। खाद्यान्न की खरीदारी कर बिना भुगतान दिए दो वर्ष से फरार चल रहे तीन आरोपियों को इटवा पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम पंजीकृत कर उन्हें जेल भेज दिया।
मामला वर्ष 2024 में जनपद बलरामपुर समेत जिले के सैकड़ों किसानों का लगभग चार करोड़ रुपये के गल्ले की खरीदारी करके बिना भुगतान किए व्यापारियों के फरार होने से जुड़ा है। इसके संबंध में वर्ष 2024 में कठेला समय माता थाने और इटवा थाने में भी पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर खोजबीन में लगी थी। जांच में जुटी पुलिस को जानकारी मिली कि फरार चल रहे अभियुक्तों का एक संगठित गिरोह है जो भोले भाले किसानों से उधार के रूप में गल्ला खरीद कर उनका रुपया गबन कर लेते हैं।
इस जानकारी से हरकत में आई इटवा पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के प्राथमिकी पंजीकृत कर गैंग से संबंधित तीन लोगों को मंगलवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। तीनों आरोपियों में नगर पंचायत इटवा के वार्ड नंबर आठ गुरु गोविंद सिंह नगर निवासी कैलाश चंद्र जायसवाल, उसकी पत्नी सन्नो देवी व पुत्र सिद्धार्थ जायसवाल उर्फ इंद्रजीत जायसवाल शामिल हैं।
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विश्वास पर किसानों ने बेचा खाद्यान्न, नहीं हुआ भुगतान
इटवा। इटवा कस्बा निवासी रवि जायसवाल इटवा थाने के खानकोट सेमरी में सरकारी लाइसेंस लेकर गल्ला खरीदारी कर रहा था। इस दौरान वह लोगों से उनकी उपज खरीदकर कुछ महीनों बाद भुगतान किया करता था। इसके चलते किसानों में उसके ईमानदार व्यवसायी होने की छवि बन गई थी। यही कारण था कि धान व गेहूं के सीजन में वह करोड़ों रुपये की खरीदारी करता रहा। वर्ष 2024 में भी उसने रबी की प्रमुख फसल गेहूं की किसानों से काफी खरीदारी की। किसानों ने भी विश्वास करके करोड़ों रुपये का गेहूं उसे उधार दे दिया। इसका फायदा उठाते हुए खरीदारी के दो माह बाद तक उसने किसानों को कोई भुगतान नहीं दिया। इसके चलते शादी विवाह में खर्च करने के इरादे से बिक्री किए किसानों को चिंता होने लगी। वह भुगतान के लिए दबाव बनाने लगे। दबाव के चलते व्यापारी रवि जायसवाल व पत्नी आरती जायसवाल बच्चे को लेकर फरार हो गया। व्यापारी के फरार होने की सूचना सेमरी खान कोट व उसके आसपास के गांवों में आग की तरह फैल गयी। लोग बड़ी संख्या में इटवा निवासी रवि जायसवाल के घर पहुंच गए। इस दौरान इटवा पुलिस ने किसानों से मिली तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली और मामले की खोजबीन में लग गई। पुलिस जांच के दौरान ही रवि जायसवाल की 16 जुलाई वर्ष 2025 को लखनऊ में मृत्यु हो गई थी। इसकी जानकारी लोगों को उसका शव इटवा स्थित आवास पर आने से हुई।