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Siddharthnagar News: स्टेयरिंग फेल तो कहीं रफ्तार ने खतरे में डाली मासूमों की जान

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आंटो के पीछे बैठ कर घर जाते बच्चे। संवाद
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सिद्धार्थनगर। जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग की ओर से लगातार जांच अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद वाहनों के संचालन में मानकों की अनदेखी सामने आ रही है। नौ दिन के भीतर स्कूली वाहनों से जुड़े दो हादसे हुए। एक हादसे में नौ बच्चे घायल हुए, जबकि दूसरे में बस बच्चों को छोड़कर लौट रही थी। एक मामले में जांच के दौरान तेज रफ्तार और दूसरे में स्टेयरिंग फेल होने के साथ बिना परमिट संचालन की बात सामने आई है।
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जिले में 700 से अधिक स्कूली वाहन परिवहन विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत हैं। इनके अलावा टेंपो, ई-रिक्शा, मैजिक और अन्य वाहनों से भी बच्चों को विद्यालय लाने-ले जाने का काम किया जा रहा है। विभाग की ओर से फिटनेस, परमिट, चालक के दस्तावेज, सीटों की संख्या, अग्निशमन यंत्र, सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य मानकों की जांच की जाती है। हालिया हादसों ने इन जांचों के बाद वाहनों की निगरानी पर सवाल खड़े किए हैं।
20 सितंबर को शिवनगर डिडई थाना क्षेत्र के नदांव गांव के पास मदरसे की बस अनियंत्रित होकर नहर में पलट गई। हादसे में चालक और विद्यालय के चपरासी को चोट आई। गनीमत रही कि बस बच्चों को छोड़कर लौट रही थी। हादसे के बाद एआरटीओ की जांच में बस की स्टेयरिंग फेल होने की बात सामने आई। जांच में यह भी पता चला कि बस बिना परमिट संचालित की जा रही थी।
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बस बस्ती जिले में पंजीकृत थी, जबकि उसका इस्तेमाल सिद्धार्थनगर में बच्चों को लाने-ले जाने के लिए किया जा रहा था। मामले में चालक के लाइसेंस को निरस्त करने की कार्रवाई की गई। इसके अलावा बिना परमिट संचालित मिली दो अन्य बसों पर भी कार्रवाई की गई।
अनफिट ऑटो से ढो रहे थे बच्चे, चार वाहन निरुद्ध ः विद्यालय वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की जांच के दौरान मंगलवार को एआरटीओ संजय कुमार सिंह ने विभिन्न मार्गों पर वाहनों की जांच की। इस दौरान चार ऑटो अनफिट मिले, जिनसे स्कूली बच्चों का परिवहन किया जा रहा था। नियमों के विपरीत बच्चों को ले जाते मिले चारों ऑटो को चिल्हिया और शोहरतगढ़ थाने में निरुद्ध कराया गया। जांच के दौरान वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी अभिलेख भी देखे गए। एआरटीओ ने बताया कि स्कूली बच्चों के परिवहन में लगे वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र और अन्य निर्धारित मानक पूरे होना जरूरी है। अनफिट वाहन मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
छह माह में 538 वाहनों को फिटनेस का नोटिस ः विभागीय आंकड़ों के अनुसार पिछले छह माह में 538 स्कूली वाहनों को फिटनेस कराने के लिए नोटिस जारी किए गए। इनमें से 500 वाहनों ने फिटनेस करा लिया। इस अवधि में 68 स्कूली वाहनों का चालान किया गया, जबकि परमिट फेल और फिटनेस फेल के अभियोग में 27 वाहनों को थानों में निरुद्ध किया गया। कार्रवाई के दौरान इन वाहनों से 4.63 लाख रुपये प्रशमन शुल्क भी वसूला गया।
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