भनवापुर। राप्ती नदी की तेज धारा से किसी तरह निकल बाहर आईं राधिका, रूपा और राधिका की आंखों के सामने शनिवार को बार-बार वही मंजर घूमता रहा, जब उनकी सहेली संजना गहरे पानी में डूब रही थी। मौत के मुंह से लौटने के बाद भी तीनों किशोरियां सदमे में हैं। गांव लौटने पर वे परिजन और ग्रामीणों को हादसे की कहानी बताते राेती रहीं।
शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पेंडारी मुस्तहकम गांव की संजना (15), राधिका (14), रूपा (17) और रिश्तेदारी में आई त्रिलोकपुर क्षेत्र के पेंडारी गांव की राधिका (17) कपड़े धोने के लिए राप्ती नदी के तट पर गई थीं। कपड़े धोने के बाद चारों नदी में नहाने लगीं। इसी दौरान संजना अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी।
सहेली को संकट में देखकर राधिका और रूपा उसे बचाने के लिए उसकी ओर दौड़ीं लेकिन पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने से वे भी डूबने लगीं।