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चेसिस नंबर बदलकर नेपाल में बाइक बेचने वाले चार पकड़े गए

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चेसिस नंबर बदलकर नेपाल में बाइक बेचने वाले चार पकड़े गए
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- चोरी की 12 बाइक और तमंचा भी बरामद
- एसओजी और त्रिलोकपुर पुलिस की संयुक्त टीम को मिली सफलता
सिद्धार्थनगर। बाइक चोरी करके नेपाल में बेचने वाले गिरोह के चार बदमाशों को एसओजी और त्रिलोकपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार देर रात दबोच लिया। उनकी निशानदेही पर चोरी की 12 बाइक बरामद हुई। साथ ही पुलिस ने एक तमंचा और कारतूस भी बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि पकड़े गए बदमाश बाइक चोरी करने के बाद उनका चेसिस नंबर बदलकर नेपाल में बेचते थे। पूछताछ के बाद सभी को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस लाइंस सभागार में रविवार को आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि बाइक चोरी का पर्दाफाश करने के लिए एसओजी प्रभारी जीवन तिवारी की टीम लगी थी। शनिवार को टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि बाइक चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में चोरी की बाइक का सौदा करने के लिए आने वाले हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए टीम अलर्ट हो गई।
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एसओ त्रिलोकपुर रामकृपाल शुक्ल के साथ संयुक्त टीम तैयार की गई। इसके बाद देर रात क्षेत्र के मंगल तिराहा पर वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी गई। इसी दौरान दो बाइक से दो लोग आते हुए दिखे। चेकिंग होता देख भागने की कोशिश करने पर घेराबंदी करके जवानों ने उन्हें पकड़ लिया। जांच में पाया गया कि वाहन के कागजात नहीं हैं और यह चोरी के हैं। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान पंकज गुप्ता निवासी बिस्कोहर एवं रमन सैनी बड़हरा विशुनपुर थाना त्रिलोकपुर बताया। इनके कब्जे से एक तमंचा बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों ने बताया कि हमारा गैंग है और उसमें लियाकत निवासी बिस्कोहर, मुकेश सैनी निवासी सोहना थाना त्रिलोकपुर भी शामिल हैं। चोरी की 10 बाइक उनके पास है। इसके बाद टीम ने दबिश देकर दोनों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से 10 अन्य बाइक बरामद की गई। पूछताछ करने के बाद चारों को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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मुकेश की दुकान पर लियाकत करता था काम
पुलिस के मुताबिक मुकेश की बिस्कोहर में आटो पार्ट्स की दुकान है और लियाकत वहां मैकेनिक है। पूछताछ में यह बताया कि वे गोरखपुर, बलरामपुर, गोंडा, सिद्धार्थनगर से बाइक चोरी करते हैं। दुकान लाने के बाद लियाकत उनका चेसिस नंबर बदल देता है। उसके बाद उन्हें नेपाल में बेच देते थे।
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नेपाल में बैठा सरगना तय करता था बाइक का रेट
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि बाइक का चेसिस नंबर बदलने के बाद व्हाट्सएप के जरिए फोटो भेजते थे। वहां से ग्राहक तय होने के बाद गाड़ी का दाम तय हो जाता था। इसके बाद पंकज गुप्ता और रमन सैनी उसे नेपाल बार्डर पार करने और वहां से रुपये लाने का कार्य करते थे।
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पकड़ने वाली टीम को मिले 20 हजार
गैंग को पकड़ने वाली टीम के सदस्य एसओ त्रिलोकपुर राम कृपाल शुक्ल, एसओ प्रभारी जीवन तिवारी, चौकी प्रभारी बिस्कोहर राजेश कुमार शुक्ल, सर्विलांस सेल प्रभारी अमित कुमार, आरक्षी रमेश यादव, राजीव शुक्ल, पवन तिवारी, अवनीश सिंह, मृत्युंजय कुशवाहा, विरेंद्र तिवारी, देवेश यादव, विवेक कुमार मिश्र, अभिनंदन कुमार सिंह को एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने 20 हजार रुपये का इनाम दिया।
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