बाढ़ के बाद आमतौर पर संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पानी से घिरे होने के कारण अपना घर छोड़कर खुली जगहों पर रहने की वजह से मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। पीड़ितों के पास पर्याप्त मच्छरदानी नहीं है और खुले जगहों पर मच्छर भगाने वाले क्वाइल काम नहीं कर रहा है। डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बीच मच्छरों के बीच रहने को मजबूर लोगों में मच्छरजनित बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है।
बंद मोबाइल ने अपनों से बढ़ाई दूरी
सैलाब में फंसे लोगों की चिंता उनके अपनों को सताती है तो पुरसाहाल लेने का एक मात्र सहारा मोबाइल ही नजर आता है। बिजली गुल होने से सबसे बढ़ी समस्या मोबाइल चार्ज न हो पाने की है। ऐसे में लोग अपनों का हालचाल तक ले पाने के लिए तरस रहे हैं। गांव में किसी के घर सोलर प्लेट लगा है तो वहां मोबाइल चार्ज करने के लिए मारामारी मची हुई है। कई जगहों पर लोगों ने चंदा लगाकर जनरेटर के जरिए मोबाइल चार्ज करने का रास्ता निकाला है।
उजाले के लिए मोमबत्ती ही सहारा
सिद्धार्थनगर। बिजली कटने से बाढ़ प्रभावित गांवों में अंधेरा है। रात के समय खाना बनाने और बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए लोगों की सारी कोशिशें नाकाफी साबित हो रही हैं। केरोसिन की सप्लाई बंद होने से गांवों में लालटेन, ढिबरी आदि उजाला करने के साधन पहले ही बंद हो चुके हैं। ग्रामीण इलाकों में चल रही छोटी-मोटी दुकानों पर मोमबत्ती नहीं मिल पा रही है और पानी से घिरे होने के कारण लोग बाजार जा नहीं सकते। ऐसे में रोशनी करने का एक सहारा बची मोमबत्ती के लिए लोग प्रशासन की बाट जोह रहे हैं।