जिंदगी बचाने की जंग लड़ रहे बाढ़ के बीच फंसे लोग
सिद्धार्थनगर। जो गांव चारों तरफ से बाढ़ के पानी से घिरे हैं और जिनके घरों में पानी भरा हुआ है। जीवन बदतर हो चुका है। घर में पानी भरने से अनाज नष्ट हो ही चुका है, जहरीले कीड़े और हादसे की आशंका से लोग पूरी रात जागकर बिता रहे हैं। बाढ़ पीड़ित पेट भर भोजन और कुछ देर आराम से सोने के लिए सुरक्षित ठौर की तलाश करते दिख रहे हैं।
जिले के बूढ़ी राप्ती और राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से उसका, शोहरतगढ़, जोगिया, इटवा, भनवापुर, बांसी, डुमरियागंज क्षेत्र में पांच दिन से कई गांव बाढ़ से घिरे हुए हैं। इन गांव के लोगों का जीवन बदतर हो चुका है। भनवापुर प्रतिनिधि के अनुसार, ब्लाक क्षेत्र के धनोहरा, पेड़ारी मुस्तहकम, मछिया, सोनखर, खुरपहवा, फत्तेपुर, डुमरिया, भरवठिया मुस्तहकम, पिकौरा, भरवठिया बाजार, सेखुई गोवर्धन, अंदुआ शनिवार, तेतरी, बुढियाटायर, डिवलीडीहा मिश्र, सेमरा बनकसिया, बिजवार बढ़ाई पेंड़रिया जीत, वीरपुर, तेनुई आदि गांवों में लोगों का जीना दूभर हो गया है।
घर में पानी भर जाने से लोग छत पर पन्नी तान कर भोजन बनाने के लिए मजबूर हैं। रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदने अथवा आपात स्थिति में गांव से बाहर जाने के लिए या तो जुगाड़ू की नाव है या फिर गले तक पानी में घुस कर लोग बाहर जा रहे है। पेड़ारी मुस्तहकम गांव के मो उमर, धनोहरा गांव के लालचंद्र चौधरी, बृजेश चौधरी का कहना है बाढ़ में फंसे लोग खाद्य अथवा अन्य जरूरी सामग्री के लिए तरस रहे हैं। भरवठिया मुस्तहकम के कई घर में पानी भर जाने के कारण लोग रिश्तेदारी में शरण लेने के लिए पलायन कर चुके हैं।
विधायक, डीएम, एसपी व विधायक ने किया निरीक्षण
तुलसियापुर/पकड़ी। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का विधायक विनय वर्मा, डीएम संजीव रंजन, एसपी अमित कुमार आनंद ने निरीक्षण किया। डीएम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य के निर्देश दिए। पीएसी की टीम और राजस्व विभाग लोगों को नाव से सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाने में लगे हैं। विधायक विनय वर्मा ने बाढ़ प्रभावित गांव बैरिहवा, नईडहर का दौरा कर लोगों को पानी से बाहर निकाल कर उचित स्थान पर पहुंचाने के लिए प्रशासन से बात कर स्टीमर की व्यवस्था कराने को कहा।
कट रहा पुल का एप्रोच
इटवा। बूढ़ी राप्ती नदी की कटान से मोहचोरवा घाट पर स्थित पुल के दक्षिणी एप्रोच के नदी में विलीन होने का खतरा बढ़ गया है। यदि कटान को रोकने की अविलंब व्यवस्था नहीं की गई तो इटवा बढ़नी मार्ग पर आवागमन बाधित हो जाएगा। बुधवार को नदी की कटान से मोहचोरवा घाट के दक्षिणी एप्रोच का आधा हिस्सा नदी में विलीन हो गया। लोगों का कहना है कि कटान रोकने की व्यवस्था नहीं की गई मार्ग पूरी तरह बंद हो जाएगा। प्रशासन ने केवल आवागमन रोकने के लिए लाल झंडी लगी रस्सी लगाकर औपचारिकता पूरी की है। सहायक अभियंता आरपी तिवारी का कहना है कि मार्ग बंद होने से कटान रोकने की सामग्री नहीं पहुंच पा रही है। जैसे आवागमन शुरू होगा, कटान को रोकने की व्यवस्था की जाएगी।