अपहरण करके सराफा कारोबारी को पीटने और बस्ती में सड़क पर फेंकने में पांच गिरफ्तार
सिद्धार्थनगर। नगर के सराफा कारोबारी और मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में युवक को अगवा कर पीटने के बाद बस्ती में सड़क के किनारे फेंकने के पांच आरोपितों को एसओजी और मिश्रौलिया पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के गुलहरिया-महुरवा मार्ग से पकड़ा। उनके कब्जे से दो तमंचे, घटना में इस्तेमाल बोलेरो और नकदी बरामद की है। पुलिस का दावा है कि ये बदमाश भाड़े पर वारदात को अंजाम देते हैं। पूछताछ के बाद सभी को न्यायालय भेजा गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस लाइंस सभागार में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में एसपी डॉ. यशवीर सिंह ने बताया कि मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव निवासी विमलेश को 24 दिसंबर को बोलेरो से आए बदमाशों ने उस वक्त अगवा कर लिया था, जब वह दुकान से घर जा रहे थे। दूसरे दिन सुबह वह बस्ती जनपद में गोरखपुर मार्ग पर घायलावस्था में मिले। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू की। एसओजी और मिश्रौलिया पुलिस की टीम मामले की छानबीन में लगी थी। इस बीच सोमवार सुबह मुखबिर से सूचना मिली कि विमलेश को अगवा करके पीटने वाले गिरोह के पांच सदस्य मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के गुलहरिया-महुरवा मार्ग पर मौजूद हैं।
सूचना को संज्ञान में लेते हुए एसओ मिश्रौलिया घनश्याम सिंह, एसओजी प्रभारी जीवन तिवारी, जेल चौकी प्रभारी शशांक सिंह के साथ पुलिस टीम तैयार की गई। उसके बाद बताए हुए स्थान पर पहुंच गए। वहां बोलेरो और बाइक से आते युवक दिखे। पुलिस की गाड़ी को देखकर वे भागने की कोशिश करने लगे। इस बीच टीम ने सभी को घेर लिया। तलाशी में इनके कब्जे से दो तमंचे मिले। बाइक और बोलेरो के कागजात मांगे गए तो वे नहीं दिखा पाए। पूछताछ में उनकी पहचान इमामुद्दीन निवासी बुद्धनगर, सहबाज निवासी हुसेनगंज, सुभान निवासी आजादनगर, असफाक निवासी बुद्धनगर थाना सिद्धार्थनगर और संतोष शर्मा उर्फ जेंस निवासी फसादीपुर थाना मोहाना के रूप में हुई। पूछताछ करने के बाद सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एसपी ने आरोपितों को पकड़ने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की
पुलिस के अनुसार, नेपाल के व्यक्ति ने पीटने के लिए दी थी रकम
पुलिस की पूछताछ के मुताबिक, पकड़े गए आरोपितों ने बताया कि ये लोग गैंग बनाकर भाड़े पर अपहरण और किसी को भी पीटने का कार्य करते थे। प्रकाश यादव नेपाल का निवासी है। उसने आरोपितों को 30 हजार रुपये दिए थे। प्रेम प्रपंच से जुड़े मामले के चलते वह मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव निवासी विमलेश को डराना चाहता था। उसके लिए उसने आरोपितों से पीटने की बात कही थी। रकम मिलने के बाद 24 दिसंबर को आरोपितों ने विमलेश का अपहरण कर लिया। फिर पीटने के बाद बस्ती में हाईवे पर फेंक कर चले आए। इसी प्रकार सदर थाने के सराफा व्यापारी से गाड़ी से कट मारने पर इनकी कहासुनी हुई थी। इन आरोपितों ने सराफा व्यापारी पर पेचकस से हमला कर दिया था।
सर्विलांस की मदद से मिली सफलता
अपहरण करके सराफा कारोबारी को पीटकर फेंके जाने की वारदात के बाद सर्विलांस की टीम ने अपनी तहकीकात तेज कर दी थी। लगातार निगरानी के बाद एक ही साथ इस गिरोह के कई सदस्यों की मूवमेंट एक साथ पाई गई थी। फिर सर्विलांस टीम ने उन नंबरों को ट्रेस करना शुरू किया। उसके बाद पांचों पुख्ता हो गए। फिर मिश्रौलिया पुलिस और एसओजी टीम ने तलाश शुरू की। फिर आरोपितों को दबोचने में कामयाब मिली।
कट पर पेचकस से हमला, नहीं उतर रहा गले के नीचे
एसपी के मुताबिक, नगर में सराफा व्यापारी के पुत्र पर पेचकस से हमला इसी गिरोह ने किया है। वाहन के कट मारने पर बीच बाजार में तीन स्थानों पर भीड़ के बीच में आरोपितों ने हमला किया था। हालांकि यह किसी के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। लोगों का कहना है कि जो रकम लेकर अपहरण और पेशेवर अपराध करते हैं, व बस कट मार देने लिए बाजार में हमला क्यों करेंगे।