सिद्धार्थनगर। कभी खुद मैदान में पसीना बहाकर पहचान बनाने वाली दो महिला खिलाड़ी अब नई पीढ़ी के सपनों को आकार दे रही हैं। जिला स्पोर्ट्स स्टेडियम में फुटबॉल और एथलेटिक्स की जिम्मेदारी संभाल रहीं महिला कोच न सिर्फ खिलाड़ियों को तकनीकी प्रशिक्षण दे रही हैं, बल्कि उन्हें अनुशासन, आत्मविश्वास और संघर्ष की सीख भी दे रही हैं।
फुटबॉल कोच राजलक्ष्मी चौधरी और खेलो इंडिया की एथलेटिक्स कोच सुमन सिंह सुबह और शाम नियमित अभ्यास सत्र में लगभग 100 खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं। फुटबॉल की कोच राजलक्ष्मी चौधरी खिलाड़ियों को फिटनेस, बॉल कंट्रोल और टीम वर्क की बारीकियां सिखाती हैं, तो एथलेटिक्स की प्रशिक्षक सुमन सिंह दौड़, लंबी कूद और अन्य स्पर्धाओं के लिए विशेष अभ्यास कराती हैं।
कोच ने बताया कि ग्रामीण अंचल में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास की है। पिछले तीन वर्षों में प्रशिक्षण से कई खिलाड़ियों ने जिला, मंडल और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग किया है जबकि कई खिलाड़ियों ने पदक जीतकर जिले का नाम भी रोशन किया है। खास बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या बालिकाओं की है जो खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं।
एथलेटिक्स में प्रशिक्षण लेकर रोशनी पाल ने हल ही में जेवलिन थ्रो में बेहतर प्रदर्शन करके जिले का मान बढ़ाया था जबकि नेहा, वंदना, संध्या साहनी सहित अन्य महिला खिलाड़ी ने प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में कई बार प्रतिभाग किया है।ी