सिद्धार्थनगर। दीपावली पर लगने वाली पटाखों की दुकानें कस्बे से बाहर होंगी और यहां पर आग से बचाव और सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम रहेगा। जिले के सभी पांच तहसील मुख्यालय पर आबादी से दूर दुकानें लगेंगी।
हर दुकान पर 200 लीटर पानी, बालू और फायर सिलिंडर रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके साथ ही पटाखा बिक्री वाले स्थल पर अग्निशमन विभाग का फायर टेंडर, सुरक्षा कर्मी और स्थानीय थाने की पुलिस मौजूद रहेगी। जो आपात स्थित आने पर उससे निपटा जा सके। अस्थायी दुकान लगाने के लिए 150 आवेदन आ चुके हैं, तहसील प्रशासन की ओर से अनुमति के बाद यही दुकान लगा सकेंगे। दीपावली पर्व पर लोग आतिशबाजी करते हैं, पटाखे की दुकान के लिए स्थायी और अस्थायी दो प्रकार से लाइसेंस होता है।
अस्थायी दुकान केवल दीपावली के लिए मान्य होती हैं, पूरे मानक के साथ रेडीमेड पटाखा लाकर बिक्री के लिए इन्हें प्रशासन की ओर से लाइसेंस जारी होता है। अस्थायी दुकान लगाने के लिए जिले के पांच तहसील के लिए 150 आवेदन आया है।
प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन विभाग की ओर से पटाखों की दुकान लगाने वाले स्थल की जांच करके लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है। सभी पांच तहसील मुख्यालय पर दुकान लगनी है। यह दुकान आबादी से बाहर रहेंगी।
जिससे आपात स्थिति उत्पन्न होने के बाद आम लोगों को क्षति न पहुंचे और समय रहते उस पर काबू पाया जा सके। क्योंकि बारूद में आग लगने के बाद उसे बुझा पाना काफी कठिन होता है। पूरी व्यवस्था के साथ दुकानेें लगाई जाएंगी। इस बारे में दुकानदारों को भी अग्निशमन विभाग की ओर से दिशा-निर्देश दिया गया है। कड़ाई से पाल न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
दुकान के लिए यह जरूरी : पटाखे की दुकान लगाने वाले दुकानदार को दुकान के पास ड्रम में 200 लीटर पानी रखना होगा। इसके साथ बालू से भरी बोरियां रखी होगी। साथ ही एक फायर सिलिंडर रखना होगा, जिससे आग लगने पर उसका प्रयोग करके समय रहते बुझाया जा सके और लोगों को क्षति न पहुंचे। दुकान लगने के बाद अग्निशमन विभाग इन मानकों को देखेगा। मानक पूरा नहीं करने वाले दुकान नहीं लगा सकेंगे। नियम का उल्लंघन करने पर कार्रवाई भी होगी।