शोहरतगढ़। एसडीएम विवेकानंद मिश्रा ने कहा कि गेहूं की फसल काटने के बाद कुछ किसान पराली को जला दें रहे हैं, जिससे आग लगने की आशंका बढ़ जाती है। एसडीएम ने सभी लेखपाल व राजस्व निरीक्षकों को निर्देश देते हुए कहा कि क्षेत्र में कोई भी किसान पराली जलाने की कोशिश करे तो उसे चिह्नित कर मुझे अवगत कराएं, उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के साथ ही जुर्माना भी लगाया जाएगा।
खेतों में पराली को जलाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति क्षीण हो जाती है और भूमि के नीचे मित्र कीटाणु मर जाते हैं, जिससे पैदावार पर गहरा प्रभाव पड़ता है। पराली जलाने से वायु मंडल प्रदूषित हो जाता है। पराली जलाने से तेज हवा चलने के कारण उसकी चिंगारी से गांव की आबादी में आग लगने की संभावना प्रबल हो जाती है। थोड़ी सी चूक से बड़ा हादसा हो सकता है। संवाद