सिद्धार्थनगर। शहर के अशोक मार्ग पर मंगलवार दोपहर में दिनदहाड़े बाइक को धक्का देकर लूट के मामले में पुलिस ने बुधवार को लूट की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच तेज कर दी है। मार्ग के दो एंट्री प्वाइंट साड़ी तिराहा और अशोक मार्ग के अलावा माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज का सीसीटीवी कैमरे के फुटेज खंगाले हैं। डेढ़ किलोमीटर लंबे अशोक मार्ग के आठ एंट्री प्वाइंट पर भी पुलिस की नजर है। तीनों स्थानों पर बताए गए हुलिया और बाइक के बारे में पुलिस जानकारी जुटा रही है।
नगर के ही शास्त्रीनगर मोहल्ला निवासी आसिफ इकबाल के मुताबिक दोपहर में वह बाइक से बीएसए कार्यालय के लिए निकले थे। उनके साथ में नगर के ही पूर्व सभासद अंबर प्रसाद भी थे। अभी वह शहर के हाइडिल तिराहा अशाेक मार्ग पर बीएसए कार्यालय के पास स्थित उद्यान पार्क के पास पहुंचे ही थे कि बाइक से आए दो बदमाशों ने बाइक पर पैर से टक्कर मार दी, जिससे वह अनियंत्रित होकर गिर गए। बाइक गिरते ही एक बदमाश उतरा और तमंचा सटाकर जेब में हाथ डालते हुए उसमें रखे 29 हजार रुपये निकाल लिए। बाइक पर बैठा व्यक्ति भाग खड़ा हुआ। वहीं, तमंचा सटाने के बाद आसिफ डर गए और उनके जाने के बाद मामले की जानकारी डायल-112 को देने के साथ ही पुलिस को दी।
पुलिस ने मामला सामने आने के बाद बृहस्पतिवार को क्राइम सीन की पीड़ित के दोबारा जांच की। हर पहलुओं को करीब से देखा और जाना। इसके साथ ही दो इंट्री प्वाइंट और के अलावा डेढ़ किलोमीटर इस मार्ग पर लगे कैमरे देखे लेकिन, पुलिस को कोई ऐसा ठोस इनपुट नहीं मिल पाया है, जिससे वह बदमाशों तक पहुंच सके। सूत्रों के मुताबिक पुलिस आसपास के जनपद के अपराधियों के बारे में जानकारी ले रही है। कहीं कोई नया गैंग तो सक्रिय नहीं हुआ है जो स्थान बदलकर वारदात को अंजाम दे रहा है। पुलिस कड़ी से कड़ी को जोड़ने में लगी है, जिससे केस को सुलझाया जा सके।
इस संबंध में शहर कोतवाल मिथिलेश कुमार राय ने बताया कि कई पहलुओं पर जांच की जा रही है। जल्द ही मामले का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
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मुख्य मार्ग पर आठ एंट्री प्वाइंट जो भागने के लिए महत्वपूर्ण
अशोक मार्ग की दूरी तकरीबन डेढ़ किलोमीटर है। इस बीच कस्बे से आठ मार्ग इसमें मिले हुए हैं। पहले मेडिकल कॉलेज के बगल मुडिला गांव, दूसरा डीआईएस कार्यालय के बगल के मोहल्ले से मार्ग है। इसके अलावा बीएसए कार्यालय ग्राउंड, डीएम और एसपी आवास से आगे और पीछे दो मार्ग हैं। ऑफिसर्स कॉलोनी मार्ग, बसडिलिया और रजिस्ट्री कार्यालय भी ऐसे मार्ग हैं, जो कस्बे से निकलते हैं और अंदर ही अंदर दूसरे मार्ग पर पहुंचा देते हैं। लोगों का कहना है कि इन मुख्य मार्गों जो आबादी से निकलते हैं, अगर यहां लगे कैमरों को खंगाला जाए तो एंट्री होने की जानकारी हो सकती है। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है।
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उद्यान पार्क भीड़भाड़ वाला, नहीं है मुख्य गेट पर कैमरा
उद्यान पार्क शहर का अहम हिस्सा माना जाता है। यहां शहर के लोगों के अलावा बाहरी लोग खास करके महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में आते हैं, शाम को बहुत भीड़ होती है। यहीं से कुछ ही दूरी पर वारदात हुई है। यहां एंट्री प्वाइंट पर कैमरा नहीं है। अगर होता तो इस घटना को कवर करता और पकड़ने में आसानी होती। ऐसे में यहां वारदात होने के बाद भी यहां जानकारी जुटाना मुश्किल है।